इंदौर। नईदुनिया प्रतिनिधि

जीवन में समृद्धि और खुशी के लिए संपूर्ण स्वस्थ होने की आवश्यकता है। प्रतिरोधक क्षमता कम होने से शरीर रोग ग्रस्त हो जाता है। इसी तरह आज आत्मा की शक्ति कम हो जाने से उसे भय, चिंता, उदासी, अनिद्रा, असुरक्षा जैसे अनेक रोगों ने घेर लिया है। इसके लिए आत्मा को राजयोग द्वारा शक्तिशाली बनाना आवश्यक है।

यह बात इंदौर जोन की मुख्य क्षेत्रीय समन्वयक ब्रह्माकुमारी हेमलता ने रविवार को पलासिया स्थित ब्रह्माकुमार ओमप्रकाश भाईजी सभागृह में कही। वे राजयोग द्वारा स्वास्थ्य, समृद्धि और खुशी विषय पर संबोधित कर रही थीं। उन्होंने कहा कि राजयोग का नियमित अभ्यास मन और बुद्धि की एकाग्रता में वृद्धि करता है। इससे हार्मोंस में संतुलन आता है। मन सशक्त और इंद्रियों पर नियंत्रण होता है। कर्म श्रेष्ठ होते और संस्कारों का शुद्धिकरण होता है। मुख्य अतिथि सांसद शंकर लालवानी ने कहा कि राजयोग के अभ्यास से भारत विश्व गुरु बन सकता है। पहले सिर्फ भारत में ही योग की महत्ता थी, अब बड़ी खुशी की बात है कि अब सारे विश्व में लोगों का रुझान योग के प्रति बढ़ गया है। इस मौके पर शक्ति निकेतन की संचालिका ब्रह्माकुमारी करुणा, इंटरनेशनल नेचुरोपैथी ऑर्गेनाइजेशन के अध्यक्ष डॉ. अंतिम कुमार जैन और मॉडर्न योगा के अध्यक्ष एसएस चड्ढा ने संबोधित किया। इस दौरान डॉ. अभ्यूदय वर्मा, डॉ. गिरीश टावरी, डॉ. सचिन झालानी, राजेश आहूजा आदि मोजूद थे। संचालन ब्रह्माकुमारी अनिता ने किया।