इंदौर, नईदुनिया प्रतिनिधि। पिछले एक सप्ताह से मौसम में आई ठंडक का असर बच्चों व बुजुर्गों पर दिखाई दे रहा है। सर्दी, खांसी व बुखार से पीड़ित लोगों में सबसे अधिक संख्या इनकी ही नजर आ रही है। जो वायरल पहले तीन दिनों में ठीक हो जाता था, अब उसमें पांच से सात दिन का समय लग रहा है।

तापमान में आ रही गिरावट स्वास्थ्य पर असर डाल रही है। ठंड का समय सेहत के लिए बेहतर माना जाता है, लेकिन इस समय बच्चे व बुजुर्ग वायरल की चपेट में आ रहे हैं। बच्चों को बुखार के साथ सर्दी, खांसी की समस्या भी हो रही है। कई केस में यह टाइफाइड में बदल रहा है। जिला अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों में 35 प्रतिशत बुजुर्ग व बच्चे शामिल हैं जो वायरल से पीड़ित हैं। वहीं एमवाय अस्पताल में भी रोजाना आने वाले मरीजों में 25 प्रतिशत वायरल के मरीज हैं। उधर, शहर के प्राइवेट क्लिनिक व अस्पतालों में भी बड़ी संख्या में मरीज पहुंच रहे हैं।

तीन दिन की दवा के बाद भी नहीं राहत

आमतौर पर वायरल का प्रकोप होने पर डॉक्टर तीन दिन की दवाई देते हैं। जो अब असरकारक नहीं हो रही। तीन दिन में बुखार का असर तो खत्म हो रहा है लेकिन सर्दी व खांसी सामान्य ही बनी रहती है। कई बच्चों को तो 15 या 20 दिन बाद फिर से वायरल तक हो रहा है।

बदला वायरस का प्रकार

ठंड में बच्चे व बुजुर्ग वायरल बुखार से प्रभावित हो रहे हैं। लक्षण न दिखने पर जांच के आधार पर ही इलाज किया जा रहा है। वायरल के इस वायरस ने अपना प्रकार भी बदल लिया है। जांच के बाद ही पता चल सकेगा यह कौन सा है। - डॉ. प्रवीण जड़िया, शिशु रोग विशेषज्ञ व जिला टीकाकरण अधिकारी