इंदौर, नईदुनिया प्रतिनिधि। सड़क हादसे में 8 साल के बच्चे की मौत के मामले में प्रथम श्रेणी न्यायिक दंडाधिकारी द्वारा सुनाई गई सजा कम करने से सेशन कोर्ट ने इनकार कर दिया। आरोपी ने मृतक के परिजन से समझौता कर इसे कोर्ट में पेश किया था। सेशन कोर्ट ने कहा कि समझौता करने से लापरवाही कम नहीं हो जाती। हादसे में 8 साल के बच्चे की मौत हुई है। सजा माफ नहीं की जा सकती।

यह है मामला : 3 मार्च 2012 को देपालपुर थाना अंतर्गत ग्राम गेहूंखेड़ी का सचिन अपने छोटे भाई साहिल (8) को साइकिल पर बैठाकर घर लौट रहा था। अटाहेड़ा की ओर से आ रहे चार पहिया वाहन ने उसे टक्कर मार दी थी। हादसे में साहिल की मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस ने आरोपी सुरेश पिता शांतिलाल निवासी गेहूंखेड़ी को हिरासत में लेकर धारा 304 में आरोपी बनाया।

देपालपुर कोर्ट ने सुरेश को दो साल कठोर कारावास और 5 हजार रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई। सुरेश ने इस फैसले के खिलाफ इंदौर सेशन कोर्ट में अपील की। शासन की तरफ से एजीपी श्याम दांगी ने पैरवी की। इस बीच सुरेश ने मृतक के परिजन से समझौता कर इसकी प्रति सेशन कोर्ट में प्रस्तुत कर दी। सोमवार को सेशन जज राघवेंद्रसिंह चौहान ने अपील खारीज करते हुए सुरेश को जेल भेज दिया।