इंदौर। संयोगितागंज थाने के समीप छावनी चौराहा पर एक युवक को कार सवारों ने फिल्मी अंदाज में अगवा करने का प्रयास किया। सरेराह उसे धमकाया और कार में बैठाने लगे। रोने की आवाज सुन एक सिपाही ने उसका हाथ पकड़ लिया और कार के नीचे उतार लिया। जांच में खुलासा हुआ मामला 16 लाख रुपए के लेनदेन का है। आरोपित और पीड़ित एडवाइजरी कंपनियों से जुड़े हैं।

एएसपी (पूर्वी-2) अनिल पाटीदार के मुताबिक घटना शाम करीब सवा 7 बजे की है। 23 वर्षीय विकास जैन का अज्ञात कार सवारों ने अपहरण का प्रयास किया और जबर्दस्ती कार में बैठाने लगे। एक युवक हाथ खींचने लगा और दूसरा उसे धक्का दे रहा था। विकास ने शोर मचाया तो चौराहा पर खड़े सिपाही शैलेंद्रसिंह ने उसका हाथ पकड़ा और बाहर खींच लिया। कार चालक पुलिस को देखकर नौलखा की ओर भाग गए। विकास ने पुलिस को बताया उसे पता पूछने के बहाने रोका था। वह कार सवारों को नहीं जानता है। उससे किसी की दुश्मनी भी नहीं है। वह मूलतः सागर का रहने वाला है और 1 महीने पूर्व ही इंदौर आया था।

पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर कार के नंबर तलाशे और कार मालिक मृदुल शर्मा से संपर्क किया। उसने कहा कि वह एडवाइजरी कंपनियों से जुड़ा है। कार दोस्त हर्ष अंबोदिया लेकर गया था। विकास विजय नगर स्थित बोनास एडवाइजरी कंपनी में नौकरी करता है। उसका कंपनी के संचालक से 16 लाख रुपए का लेनदेन है। पुलिस ने देर रात दोनों पक्षों को पकड़ लिया। एएसपी के मुताबिक प्रारंभिक पूछताछ में मामला लेनदेन का ही है। एक-दूसरे के जरिए शेयर मार्केट में निवेश करवाने के कारण विवाद हुआ था। फरियादी और आरोपित पुलिस को गुमराह कर रहे हैं।