इंदौर, नईदुनिया प्रतिनिधि। नोटबंदी के डेढ़ साल बाद फिर नकद का संकट खड़ा हो गया है। रिजर्व बैंक से बैंकों को नोट मिलना कम हो गए हैं। इसका असर शहरभर के एटीएम पर नजर आ रहा है। अब प्रबंध्ान को एटीएम भरने में खासी दिक्कतें आ रही हैं। खास बात यह है कि इन दिनों 2000 रुपए के नोट की संख्या कम हो गई है। 100 रुपए के नए नोट भी नहीं मिल रहे हैं। बैंक प्रबंध्ान की मानें तो अभी सिर्फ 500 के नोट मिल रहे हैं।

उधर, सोमवार को शाजापुर में किसान महासम्मेलन में मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने कहा है कि कांग्रेस लाशों पर राजनीति कर रही है। प्रदेश में आग लगाना और दंगे फैलाना चाहती है। कांग्रेस के इस षड्यंत्र को कामयाब नहीं होने दूंगा। बाजारों से 2 हजार रुपए के नोट गायब होना भी षड्यंत्र है।

केंद्र व प्रदेश सरकार सख्त कार्रवाई करेगी। जानकारों की मानें तो छोटे नोटों की किल्लत होने से बाजार पर असर दिखाई दे रहा है। पिछले दस दिनों से नोटों की कमी बैंकों में आना शुरू हो गई है। नोटों की किल्लत झेल रहे बैंकों ने आरबीआई को पत्र लिखा है। बैंक अफसरों के मुताबिक यह स्थिति अभी 15-20 दिन और बनी रहेगी।

नहीं निकले 1500 रुपए

भंवरकुआं निवासी सतपाल सिंह ने बताया कि मुझे 1500 रुपए की जरूरत थी। कई एटीएम में जाकर कोशिश की, लेकिन रुपए नहीं निकल पाए। बाद में 2000 रुपए की एंट्री करते ही कैश हाथ में आ गया।

रुपए निकले नहीं और काट लिया ट्रांजेक्शन चार्ज

मनोरमागंज निवासी सुधीर जैन ने बताया कि बैंक ऑफ इंडिया में सेविंग अकाउंट है। पिछले तीन दिनों में सात बार अलग-अलग एटीएम से पैसे निकालने की कोशिश की, लेकिन रुपए नहीं निकले। उधर, बैंक ने ट्रांजेक्शन चार्ज काट लिए। बैंक की हेल्पलाइन पर शिकायत की है।

आरबीआई से नहीं मिल रहे

बैंकों में इन दिनों नोटों की भारी कमी चल रही है, क्योंकि आरबीआई से नोट मिलना कम हो गया है। 100 के पुराने नोट बैंक में है जो एटीएम में डालने की स्थिति में नहीं है। अभी रंग लगे और कटे-फटे 100 के नोट हैं। - मुकेश भट्ट, लीड बैंक मैनेजर