इंदौर, नईदुनिया प्रतिनिधि। 13 महीने तुला में रहने के बाद गुरुवार को बृहस्पति (गुरु) वृश्चिक राशि में आएगा। यह राशि परिवर्तन शाम 7.19 बजे होगा। इससे पहले गुरु ने वृश्चिक राशि में 27 अक्टूबर 2006 को प्रवेश किया था।

यह परिवर्तन वृषभ, कर्क, मकर और मीन राशि के जातकों के लिए लाभकारी होगा, जबकि मेष, धनु और सिंह राशि के जातकों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। ज्योतिर्विद् पं. सोमेश्वर जोशी ने बताया कि गुरु के राशि परिवर्तन का असर सभी 12 राशियों पर होगा। सामान्यतः गुरु करीब 13 माह में राशि बदलता है। गुरु वृश्चिक में 29 मार्च 2019 तक रहेगा। करीब एक महीने धनु में रहने के बाद 23 अप्रैल से 29 अक्टूबर 2019 तक फिर वृश्चिक राशि में रहेगा।

गुरु किसी भी एक राशि में एक साल तक रहता है लेकिन इस समय वह तीव्रगामी होने के चलते वृश्चिक में केवल 11 महीने रहेगा। ज्योतिर्विद् पं. ओम वशिष्ठ के अनुसार वैदिक ज्योतिष में ग्रहों के गोचर (एक से दूसरी राशि में जाना) का विशेष महत्व है। गुरु को विद्या, शिक्षा, ज्ञान, मांगलिक कार्यों और उन्नति का कारक माना जाता है इसलिए इसके गोचर का महत्व बढ़ जाता है।

राशि परिवर्तन का असर

- मेषः आठवां गुरु सामान्य फल देगा। खुशियां और धन लाभ होगा।

- वृषभः सातवां गुरु मांगलिक कार्य करवाएगा। यश और आय में वृद्धि होगी।

- मिथुनः छठा गुरु सामान्य फल देगा। सावधान रहने की जरूरत है।

- कर्कः गुरु की नवम पूर्ण दृष्टि के साथ, गुरु के पंचम हो जाने से कई दिनों से चली आ रही परेशानियों का अंत होगा।

- सिंहः संतान से सुख और नए कार्यों की प्राप्ति होगी। हालांकि चौथा गुरु होने से कुछ परेशानियां आएंगी।

- कन्याः तीसरा गुरु लोकप्रियता के साथ आय में वृद्धि और कार्य में तेजी लाएगा।

- तुलाः दूसरा गुरु समय अच्छा करेगा। कार्य समय पर होंगे और लाभ मिलेगा।

- वृश्चिकः पहला गुरु स्वास्थ्य, आय के मामलों में अच्छा समय लाएगा। छोटी-मोटी परेशानियां आ सकती हैं।

- धनुः बारहवां गुरु व्यय बढ़ाएगा और आय को कम करेगा। अत्यंत सावधानी बरतें।

- मकरः ग्यारहवां गुरु आय में वृद्धि करेगा। समय की बर्बादी से बचेंगे।

- कुंभः गुरु की दृष्टि नहीं रहेगी फिर भी बेहतर आय बनी रहेगी। संतान से सुख और कार्य में वृद्धि के आसार हैं।

- मीनः नौवां गुरु अच्छा समय लाएगा। आय में सुधार और कार्य समय पर होंगे।