इंदौर, नईदुनिया। बिजली कंपनी ने शहर के अरण्य नगर बिजली जोन को पहला महिला जोन बनाकर वाहवाही तो बटोर ली, लेकिन एक माह बाद भी यहां सभी पदों पर महिला कर्मचारियों की नियुक्ति नहीं हो सकी। यहां 34 कर्मचारियों में से 18 पुरुष हैं। 29 फीडर वाले इस जोन में नियमित कार्यों और शिकायतों के समाधान के लिए जो महिला कर्मचारी (लाइन हेल्पर) रखी गई थी वे काम नहीं कर पाने के कारण नौकरी ही छोड़ गईं।

बिजली कंपनी ने इस उद्देश्य से महिला जोन बनाया था कि यहां सारा काम महिलाएं और लड़कियां ही संभालेंगी। 8 मार्च को महिला दिवस पर इसकी शुरुआत के दौरान भी दावा किया गया था। यहां स्थायी और संविदा के कुल 10 लाइन हेल्पर हैं। इनमें दो पुरुषों से काम लिया जा रहा है। अधिकारी भी मान रहे हैं कि लड़कियों की नियुक्ति में समस्या हो रही है। महिला स्टाफ के रूप में एक एई, दो जेई सहित कार्यालयीन कार्य के लिए तीन क्लर्क हैं, लेकिन कनेक्शन काटने, मीटर रीडिंग और दूसरे मैदानी कार्यों के लिए महिला कर्मचारी नहीं हैं।

पुरुष कर्मी भी नहीं आ रहे काम पर

एई भाग्यश्री दांगोड़े ने बताया महिला जोन बनाने से पहले यहां 18 पुरुष कर्मचारी थे। महिला जोन बनाने के बाद भी इन्हें यहीं रखा गया था। इनके साथ 10 युवतियों को मैदानी कार्यों के लिए नियुक्त किया गया था। पुरुषों के साथ इन्हें भी प्रशिक्षण के लिए पहुंचाया जा रहा था, ताकि काम सीखने के बाद पुरुष कर्मचारियों को दूसरे जोन पर भेजा जा सके। प्रशिक्षण लेने के बजाय ये सभी युवतियां काम छोड़ गईं। विवाद के बाद अब आउटसोर्स स्टाफ के अधिकतर पुरुष भी काम पर नहीं आ रहे और अधिकारी महिलाओं को नियुक्त करने की कोशिश कर रहे हैं।

अरण्य नगर जोन

34 कर्मचारी

18 कर्मचारी हैं पुरुष

16 कर्मचारी हैं महिलाएं

13584 उपभोक्ता हैं जोन में

10 से 12 शिकायतें आती हैं रोजाना

कोशिश है सभी कर्मचारी महिलाएं हों

कंपनी के स्थायी और संविदा कर्मचारी सभी महिलाएं ही हैं। आउट सोर्स कर्मचारियों के रूप में जरूर पुरुष कर्मचारी काम कर रहे हैं, क्योंकि नियुक्त दस महिलाएं काम छोड़कर चली गई हैं। कोशिश की जा रही हैं कि सभी कर्मचारी महिलाएं ही हों। आकाश त्रिपाठी, एमडी, मप्र पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी