1. शिक्षित 95 फीसदी लोग : सैयदना ने हमेशा महिला और पुरुष दोनों को इल्म हासिल करना जरूरी बताया। नतीजा यह है कि 95 फीसदी से अधिक समाजजन शिक्षित हैं।

2. वफादारी वतन के प्रति : सैयदना ने समाजजन को हमेशा वतन के प्रति वफादार रहने और कायदे-कानून के सख्ती से पालन की हिदायत दी। नतीजतन कौम की पहचान अमन पसंद बनी।

3. व्यापार करो, नौकरी नहीं : समाजजन को नौकरी के बजाय व्यापार करने की हिदायत दी। इसके लिए बिना ब्याज का लोन भी दिलाया।

4. जागरूकता स्वच्छता के प्रति : सैयदना ने स्वच्छता के प्रति जागरूक करते हुए खुद के साथ अपने घर-मोहल्ले को साफ रखने की हिदायत दी।

5. मदद आर्थिक समानता के लिए : समाज में आर्थिक असमानता दूर करने के लिए हैसियतमंद को कुरआन के सिद्धांत का हवाला देते हुए मदद करने की बात की। गरीबों को मकान और व्यापार-व्यवसाय के लिए सामान भी दिया गया, ताकि समाज के सभी लोग बराबरी से गुजर-बसर कर सकें।

30 पकवानों से भरी थाली सजी

बोहरा समाज ने मोहर्रम की पहली तारीख पर सांघी मैदान ट्रांसपोर्ट नगर में फजर की नमाज अदा की। इस समाजजन ने एक-दूसरे को मुबारकबाद दी। सैयदना के लिए 30 से अधिक पकवानों की थाल सजाई गई।