इंदौर। हाई स्पीड 4जी इंटरनेट की सुविधा तो शहरवासियों मिलेगी, लेकिन यह सेवा मुफ्त नहीं होगा। उपभोक्ताओं को इसके लिए शुल्क चुकाना होगा। शुरुआत में यह सुविधा कुछ समय के लिए निशुल्क होगी, लेकिन बाद में इसे एक्सेस करने के लिए आईडी पासवर्ड लेने के लिए शुल्क देना पड़ सकता है।

बुधवार को अचानक वाट्सअप पर सुविधा के शुरू हो जाने की सूचना शहर के हजारों लोगों के पास पहुंची तो उन्हें लगा छह महीने के लिए सर्विस फ्री मिल गई, लेकिन कंपनी अधिकारियों ने ऐसे किसी भी प्लान के जारी होने या सुविधा शुरू किए जाने की बात से इंकार कर दिया।

उल्लेखनीय है कि शहर को जनवरी में वाई-फाई करने की घोषणा की गई थी। नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने भी बायपास से जुड़े इलाकों में फोरजी को लेकर चल रहे कार्यों का निरीक्षण कर इंदौर के फाई-फाई होने की चर्चा भी की थी। तब से कंपनी द्वारा केबल डालने और टावर लगाने का कार्य जारी है।

इन स्थानों पर पहुंचे लोग

मैसेज में जिन जगहों का उल्लेख किया गया था। उसमें एमवाय हॉस्पिटल, रीगल चौराहा, पलासिया, राजवाड़ा, विजय नगर और भंवरकुआं क्षेत्र शामिल हैं। सुबह से शाम तक लोग यहां पहुंचकर वाई-फाई ऑन हुआ या नहीं यह जांचते रहे।

कई जगह काम नहीं कर रहा

लोगों के पास मैसेज पहुंचने के बाद नईदुनिया ने कुछ क्षेत्र में जाकर सच्चाई जानने की कोशिश की तो पता चला, पहले से कई यूजर वहां 4 जी स्पीड वाली सुविधा अपने मोबाइल में चेक कर रहे थे। हालांकि जिन जगहों पर टावर लगे हैं उसके कुछ ही दायरे में सिग्नल मिल रहे थे। किसी एक वाई-फाई क्षेत्र के स्पॉट के कुछ ही मीटर दूर तक इंटरनेट के सिग्नल मिल रहे थे।

गो नेट नहीं, जियो नेट के नाम से चल रहा है

वॉट्सएप मैसेज में वाई-फाई सिग्नल का नाम गो नेट बताया गया, जबकि यूजर के मोबाइल में कुछ जगहों पर जियो नेट नाम से इंटरनेट चल रहा था। मैसेज में छह महीने फ्री 4 जी स्पीड का जिक्र किया गया है, लेकिन उपयोग करने वाले यूजर को तीन दिन का एक्सेस फ्री देने की जानकारी मिल रही है।

मैसेज फर्जी

इस बारे में अधिकारियों से बात की गई तो उनका कहना था कि कंपनी की ओर से सर्विस शुरू नहीं की गई है। शहर में अभी टावर लगाने वाले अन्य काम बाकी है। इसमें थोड़ा समय लगेगा। वॉट्सएप मैसेज को अधिकारियों ने फर्जी करार दिया।

ऐसे काम करेगा

कंपनी के अधिकारियों ने बताया कि शहर को वाई-फाई सिटी बनाने का काम चल रहा है। कुछ जगहों पर उपकरण लगा दिए गए हैं। इन्हें चेक करने के लिए ट्रायल चल रहा है। जो यूजर वाई-फाई सिग्नल के संपर्क में हैं वे इससे आसानी से जुड़ सकते हैं। वाई-फाई कनेक्ट होने के बाद इंटरनेट चलाने के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन मांगा जाता है।

इसमें मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी की जरूरत होती है। इसे इंटर करने के बाद मोबाइल पर टेक्स्ट मैसेज में पासवर्ड आएगा। इससे यूजर तीन दिन फ्री इंटरनेट का उपयोग कर सकते हैं।

रिलायंस जियो ने अपनी ओर से 4जी वाई-फाई सर्विस शुरू होने की कोई घोषणा नहीं की है। शहर में अभी कई जगहों पर उपकरण लगना बाकी हैं। जिन जगहों पर लग गए हैं, वहां ट्रायल के तौर पर सर्विस चल रही है।

- योगेंद्र वर्मा, सीनियर एक्जीक्यूटिव मैनेजर, रिलायंस कम्यूनिकेशन

वॉट्सएप पर सर्विस शुरू हो जाने की जो जानकारी प्रसारित हुई है, वह कंपनी की ओर से नहीं दी गई है। फिलहाल ट्रायल के तौर पर कुछ जगह इसे शुरू किया गया है।

- एनके सिंह, स्पोकपर्सन, रिलायंस जियो

यह है प्रोजेक्ट

सरकार इंदौर, भोपाल और जबलपुर शहरों में कॉरपोरेट सोशल रिस्पांसिबलिटि के तहत कुछ जिम्मेदारी सौंप रही है। इन शहरों के बगीचे और खेल के मैदान विकसित करने व रखरखाव का काम रिलायंस को दिया गया है। बीस वर्ष तक यह जिम्मेदारी कंपनी निभाएगी। शहरों में प्रदूषण के स्तर को न्यूनतम कर ग्रीन सिटी की योजना कैसे लागू किया जाए, इस पर भी विचार हो रहा है।

सॉलिड वेस्ट मटेरियल और सीवरेज में भी सरकार कंपनी की मदद ले रहे हैं। इस प्रोजेक्ट में नगर निगम और आईडीए भी सहयोग कर रहा है। वाई-फाई टावर पर सीसीटीवी कैमरे भी लगाए जा रहे हैं, जिसका उपयोग नागरिकों की सुरक्षा के लिए किया जाएगा। वीडियो फूटेज के लिए कैमरे पुलिस थाने से कनेक्ट होंगे।

ये होंगे फायदे

फोरजी आते ही शहर में अल्ट्रा हाई ब्रॉडबैंड नेटवर्क मिलने लगेगा। इस सुविधा में वाइस, वीडियो और टीवी आदि की सुविधा एक साथ मिलने लगेगी। फोरजी के वायरलेस सेवा लेने वालों को भी टूजी, थ्रीजी से बेहतर नेटवर्क मिलने लगेगा। इससे इंटरनेट की स्पीड में खासी बढ़ोतरी होगी।

- विदेशों की तरह शहर में भी स्मार्ट होम का कांसेप्ट काम करने लगेगा। होम मैनेजमेंट, सुरक्षा, मनोरंजन, ऑटोमेटिक मीटर रीडिंग सहित ढेरों सुविधाएं मिलेंगी।

- इंटेलीजेंट वीडियो सर्विलांस सिस्टम से गलियां, सड़कें, स्टेशन, स्कूल, चिन्हित स्थानों पर डिजिटल निगरानी रखी जा सकेगी।

- इंटेलीजेंस एनालिसिस के तहत इस सुविधा में भीड प्रबंधन, गलत पार्किंग, चोरियों की रोकथाम जैसे लाभ मिलेंगे। साथ ही आग और सुरक्षा के अलर्ट जारी करने,जनता को सीधे संदेश पहुंचाने,आपदा प्रबंधन भी संभव हो सकेगा।

- पार्किंग मैनेजमेंट के तहत शहर के विभिन्ना पार्किंग स्थलों पर विदेशों की तर्ज परकार्ड रीडर, डिजिटल लॉक, बायोमेट्रिक सुरक्षा जैसी सुविधाएं मिलने लगेंगी।