इंदौर, नईदुनिया रिपोर्टर। अनुष्का शर्मा और विराट कोहली की शादी के साथ-साथ 'रिसेप्शन' में पहनी गई अनुष्का की बनारसी साड़ी भी इन दिनों खूब चर्चा में है। आम धारणा है कि अनुष्का द्वारा बनारसी साड़ी पहनने के बाद इसकी मांग तेज हुई, मगर शहर के नामी साड़ी विक्रेताओं की राय अलग है। उनका कहना है कि इस बार दिवाली के पहले से ही बनारसी साड़ी और लहंगे चलन में थे। जिसे देखते हुए अनुष्का के फैशन डिजाइनर ने उन्हें बनारसी साड़ी पहनने का सुझाव दिया।

दरअसल, पहले हाथ से बुनी जाने वाली बनारसी साड़ियां अब नई तकनीक के जरिए मशीनों से भी बनाई जाने लगी हैं। इससे उनकी कीमत कम हो गई है। इसके अलावा मल्टी फैब्रिक्स यूज होने, नई तकनीक की डाई का इस्तेमाल करने, बेहतर कलर शाइनिंग के विकल्प उपलब्ध होने और साड़ी की थिकनेस कम होने जैसे फैक्टर्स के चलते भी बनारसी साड़ियों की डिमांड में तेजी से उछाल आया है।

8 साल बाद दिखी ऐसी मांग

'मोरनी साड़ी' के मनीष अग्रवाल बताते हैं कि करीब 6 महीनों से बनारसी साड़ियों की डिमांड बहुत ज्यादा थी। इसके अलावा टू डाइंग शेड्स वाले बनारसी लहंगे (अलग चुनरी और अलग लहंगा) भी खूब पसंद किए जा रहे हैं। क्रीम, रेड के अलावा ब्लू कलर की साड़ियां भी इन दिनों खूब पसंद की जा रही हैं। बनारस और बेंगलुरू साड़ियों की इस तरह मांग करीब 8 साल बाद देखी जा रही है। अब लोग वर्क से ऊब गए हैं और सोबर साड़ियों की ओर वापस मुड़ रहे हैं।

डिजाइनर ने इसलिए पहनाई बनारसी साड़ी

'नंदिनी साड़ी' के विजय चांडक के कहते हैं कि इसमें कोई शक नहीं कि अनुष्का की वजह से बनारसी साड़ियों का मार्केट और अपग्रेड हो गया है। लेकिन अनुष्का ने भी साड़ी पहनी ही इसलिए पहनी थी क्योंकि वो ऑल रेडी फैशन में थी। उनके फैशन डिजाइनर ने रेगुलर बनारसी साड़ी पहनाई ताकि वो आम भारतीय दुल्हन सी नजर आ सकें। कीमत कम होने के साथ-साथ इसमें उपयोग हो रही जबरदस्त क्रिएटिविटी के चलते भी बनारसी साड़ियां एक बार फिर से लोगों की पहली पसंद बन गई हैं।

'दुल्हन की पेटी' की शोभा बढ़ा रही बनारसी साड़ी

'शारदाश्री' के गोपाल सिंगी बताते हैं कि एक जमाने में बनारसी साड़ियों के बिना शादियां नहीं होती थीं मगर फिर ऐसा फेज भी आया कि लोग कोलकाता और सूरत की वर्क वाली साड़ियों को तरजीह देने लगे। पहले दुल्हन की पेटी में चार बनारसी साड़ियों का चलन था। जिनमें से एक रेड कलर की साड़ी होती ही थी। मगर कीमतें ज्यादा होने से बीच में ये चलन कम हो गया था। मगर पिछले कुछ समय से बनारसी साड़ी के पैटर्न, डिजाइन और बनाने के तरीकों में हुए बदलावों के चलते ये एक बार फिर से सबकी रेंज में आ गई है और दुल्हन की पेटी की शोभा बढ़ाने लगी है।