इंदौर, नईदुनिया प्रतिनिधि। ग्यारहवीं की छात्रा ने बुधवार शाम फांसी लगा ली। छात्रा की मां उसके लिए कॉपी-किताब लेने बाजार गई थी। पिछले एक साल से वह बीमार चल रही थी। वह शवयात्रा देखकर डर जाती थी। परिजन ने छह माह पहले किसी तांत्रिक से इलाज भी करवाया था। मां बाजार से लौटी तो दरवाजा अंदर से बंद था। पड़ोसियों की मदद से दरवाजा तोड़कर वह अंदर घुसी तो छात्रा फंदे पर लटकी मिली।

तुकोगंज पुलिस के मुताबिक, मृतक मुस्कान (15) पिता राजवी उर्फ राजू काले निवासी पंचम की फैल है। पुलिस को छात्रा के बड़े पिताजी के लड़के रोहित ने बताया कि मुस्कान की दो बड़ी बहन प्रिया और पायल कोचिंग सेंटर में पढ़ाती हैं। पिता कार एसी रिपेयरिंग का काम करते हैं। भाई रोहन मंगलवार को नौकरी की तलाश में मुंबई चला गया। पिता किसी काम से भीलवाड़ा गए हुए हैं।

रोहित के मुताबिक, बुधवार शाम मुस्कान की मां रुक्मिणी सामान लेने बाजार गई थी। छात्रा ने मां को कहा था कि उसे डर लग रहा है। मां के समझाने पर वह अपने कमरे में चली गई थी। उसकी दादी सुलोचना घर के बाहर बैठी थी। दोनों बहनें ट्यूशन पढ़ाने गई थीं। मां बाजार से लौटी तो घटना का पता चला। पड़ोसी छात्रा को फंदे से उतारकर एमवाय अस्पताल लेकर गए, जहां उसे मृत घोषित कर दिया।

डर के कारण रात को नींद नहीं आती थी

परिजन के मुताबिक, छात्रा को तीन दिन से बुखार आ रहा था। एक साल पहले परिवार शादी समारोह में शामिल होने राजस्थान गया था। वहां से लौटने के बाद से छात्रा बीमार रहने लगी थी। भूत-प्रेत की बाधा की आशंका की वजह से झाड़-फूंक से उसका इलाज भी करवाया गया था। इसके बाद स्वास्थ्य में सुधार था। वह किसी का शव देखरकर डर जाती थी। इस वजह से उसे रात को नींद नहीं आती थी। वह हमेशा कहती थी कि उसे सपने में किसी की परछाई दिखती है।