इंदौर, नईदुनिया रिपोर्टर। कॉलेज से घर जाते समय कई बार असामाजिक तत्व कमेंट करते थे। कई बार तो रोकने की कोशिश भी की गई। ऐसी स्थिति से निपटने के लिए संस्थान की छात्राओं ने व्हॉट्सएप ग्रुप बनाया। इसमें कॉलेज और पुलिस के अधिकारी भी जुड़े। जहां भी मनचले परेशान करते हैं वहां की लोकेशन व्हॉट्सएप से कॉलेज अधिकारियों और पुलिस को भेज दी जाती थी। समय पर अधिकारी स्पॉट पर पहुंच जाते थे। ऐसा करने से अब हमारी यूनिफार्म देखकर ही मनचले दूरी बना लेते हैं। यह कहना है छावनी स्थित माहेश्वरी कॉलेज की छात्राओं का।

गुरुवार को सोच बदलो अभियान के तहत संस्थान के करीब 150 छात्र-छात्राओं ने शपथ ली। सभी ने एक स्वर में कहा- जहां भी नारी के खिलाफ गलत व्यवहार होता हुआ दिखाई देगा सभी विरोध करेंगे। संस्थान प्रिंसिपल डॉ. राजीव झालानी के साथ प्रोफेसर्स ने भी शपथ लेते हुए तय किया कि संस्थान की छात्राएं ही नहीं शहर में जहां भी महिलाओं के प्रति अन्याय होगा संस्थान पीड़िता को न्याय दिलाने के लिए अपनी और से हर तरह की मदद करेगा।

अब नहीं करते पीछा : छात्रा अंजलि शर्मा ने बताया कि पहले घर से कॉलेज और कॉलेज से घर जाने पर कुछ लड़के पीछा करते थे। इसके बाद हमने वाट्सएप पर मैसेज डालकर जानकारी दी। प्रोफेसर तत्काल पहुंचे और लड़कों को डांट लगाई। उसके बाद से ऐसी परेशानी नहीं हुई।

हर क्लास में प्रोफेसरों को बनाया मेंटर

कॉलेज से छात्राएं घर निकलने पर रास्ते में घटना होने पर तत्काल वाट्सएप पर सूचना देती हैं। प्रोफेसर मैसेज देख तत्काल मौके पर पहुंचते हैं। वहां छेड़छाड़ करने वालों को समझाते हैं। कभी-कभी पुलिस भी बुलाना पड़ी। अब स्थिति यह है कि पिछले तीन-चार साल से ऐसी वारदात होना बंद हो गई है। ड्रेस कोड भी लागू किया गया है।

शिकायत पर हुई कार्रवाई

छात्रा सुरभि मालवीय ने बताया कि कॉलेज में प्रवेश लेने के बाद कुछ लड़के कमेंट्स करते थे। हमने व्हॉट्सएप पर इसकी जानकारी दी और शिकायत भी की। उन्हें बुलाकर समझाया गया और कार्रवाई भी की। इसके बाद दोबारा किसी ने ऐसी हिम्मत नहीं की।