इंदौर। शहर में बुधवार रात 12.30 बजे के बाद धुआंधार बारिश शुरू हो गई, जो रात 3 बजे तक जारी थी। एक समान तेज पानी गिरने से कई निचले इलाकों में पानी भर गया। बारिश की रफ्तार इतनी तेज थी कि 50 मी. दूर की वस्तुएं दिखाई नहीं दे रही थीं।

शहर में देर रात 72.2 मिमी यानी लगभग तीन इंच बारिश दर्ज की गई। अब तक 295.5 मिमी यानी करीब 12 इंच पानी गिर चुका है। इंदौर के पास शिप्रा नदी उफान पर आ गई है, जिससे आस-पास की रहवासी इलाकों को खाली करा लिया गया है। मौसम को ध्यान में रखते हुए कलेक्टर निशांत वरवड़े ने बच्चों को खतरनाक पर्यटन स्थलों पर न जाने की सलाह दी है। उधर शहर से लगे सुखलिया ग्राम के खातीपुरा नाले में एक 10 साल का एक बच्चा बह गया। उसकी लाश की जा रही है।

मालवा-निमाड़ के इलाकों में भी कई जगह तेज बारिश हुई। बड़वानी के सिलावद थाना इलाके में हीरकराया में कच्चा मकान गिरने से एक बुजुर्ग महिला की मौत हो गई। बुरहानपुर में निर्माणाधीन पुल बह गया।देवास के बागली में मूसलाधार बारिश से विद्युत मंडल कार्यालय सहित कई क्षेत्र जलमग्न हो गए।लोग इसे इस मौसम की सबसे तेज बारिश बता रहे हैं। गुरुवार सुबह तक हल्की बूंदाबांदी जारी रही। सबसे ज्यादा परेशानी निचली बस्तियों के लोगों को हुई। शहर में कई सड़कों पर भी पानी भर गया, जिससे वाहनों को निकलने में परेशानी का सामना करना पड़ा।

मौसम विभाग का अलर्ट

मौसम विभाग ने बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया है। इसके तहत रायसेन, सीहोर, विदिशा, राजगढ़, देवास, शाजापुर, होशंगाबाद, हरदा, छिंदवाड़ा, सिवनी, मंडला, अशोकनगर और गुना जिलों में भारी बारिश का अनुमान है।मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक ये स्थिति अगले 2 दिनों तक और रह सकती है। इसके अलावा इंदौर, उज्जैन, होशंगाबाद और भोपाल संभाग के अधिकांश इलाकों में गरज, चमक के साथ तेज बारिश हो सकती है। वहीं जबलपुर, सागर और ग्वालियर संभाग के कई स्थानों और चंबल, शहडोल व रीवा संभागों के कई जिलों के कुछ स्थानों पर सामान्य बारिश हो सकती है।