इंदौर, नईदुनिया प्रतिनिधि। शराब व्यवसायी मोनू भाटिया और उसके तीन मैनेजरों के खिलाफ उसके पूर्व कैशियर की पत्नी ने सामूहिक दुष्कर्म का केस दर्ज करवाया है। महिला का आरोप है कि मैनेजर चर्चा के बहाने खंडवा से इंदौर लेकर आए और होटल में बंधक बनाकर बारी बारी से दुष्कर्म किया। भाटिया ने आरोपों से इंकार करते हुए कहा कि महिला ब्लैकमेल कर रही है। उसका पति कंपनी में 70 लाख का घोटाला कर चुका है। घटना के वक्त वह विदेश था। महिला के आरोपों की दो बार पूर्व भी जांच हो चुकी है। उन्होंने डीजीपी को शिकायत कर जांच की मांग की है।

ग्वालटोली पुलिस ने बुधवार रात श्रीजी वैली (बिचौली मर्दाना) निवासी 37 वर्षीय महिला की शिकायत पर सिमरन फिशरीज के संचालक व शराब कारोबारी मोनू उर्फ हरपालसिंह भाटिया सहित अभिमन्यु तिवारी(जनरल मैनेजर) इंद्रजीतसिंह (टेक्निकल मैनेजर) सुग्रीव विश्नोई (प्रॉड्क्शन मैनेजर) के खिलाफ सामूहिक दुष्कर्म का प्रकरण दर्ज किया। महिला ने पुलिस को बताया कि वह नर्मदानगर (खंडवा) की रहने वाली है। पति मोनू भाटिया की कंपनी(सिमरन फिशरीज) में कैशियर की नौकरी करता था। जून 2016 में जनरल मैनेजर अभिमन्यु तिवारी ने पति पर 70 लाख की धोखाधड़ी का आरोप लगाया और झूठी रिपोर्ट दर्ज करवा कर जेल भिजवा दिया।

इसके बाद अभिमन्यु ड्राइवर पप्पू उर्फ रितेश के साथ कंपनी की बोलेरो(एमपी 09सीएन 0374) से पीड़िता के घर पहुंचा और मोनू ने जरुरी काम से इंदौर बुलाया है। अभिमन्यु उसको टॉवर चौराहा स्थित अंजली प्लाजा में मोनू के ऑफिस लेकर आ गया। कुछ देर चर्चा की और सपना संगीता रोड़ स्थित एक्सिस बैंक में खाता खुलवाकर और एटीएम कार्ड व चैकबुक अपने पास रख ली। 4 कोरे चेको पर पीड़िता से साइन भी करवा लिए। इसके बाद आरोपी आरएनटी मार्ग स्थित मोनू की होटल(सिमरन) लेकर आए। पहली मंजिल स्थित रूम में ठहराया और रूम बंद कर दिया।

एक घंटे बाद आरोपी मोनू उर्फ हरपालसिंह,अभिमन्यु तिवारी, इंद्रजीतसिंह,सुग्रीव विश्नोई रूम में दाखिल हुए और सामूहिक दुष्कर्म किया। विरोध करने पर परिवार को खत्म करने की धमकी दी और चले गए। पीड़िता रातभर होटल में रुकी रही और सुबह नर्मदानगर चली गई। उसका आरोप है कि मोनू व साथियों ने डीबी प्राइड स्थित फ्लेट भी धोखे से बेच दिया। जमानत पर छुटने के बाद पति को घटना बताई और बुधवार को हिम्मत कर रिपोर्ट लिखाने थाने पहुंची।

जिस दिन दुष्कर्म होना बताया उसी दिन हांगकांग से लौटा

केस दर्ज होते ही मोनू भोपाल पहुंचा और महिला के खिलाफ डीजीपी को शिकायत की। उसने कहा कि महिला 27 जून 2016 को दोपहर 2 बजे से 4 बजे के बीच दुष्कर्म होना बताया है। जून में वह हांगकांग गया था। 27 जून को ही इंदौर लौटा था। इसके पूर्व महिला दो बार आवेदन दे चुकी है। उस दौरान 19 व 20 जून को दुष्कर्म होना बताया था। मैंने पासपोर्ट की फोटो दी और कहा कि मैं विदेश गया था। एएसपी स्तर के अधिकारियों ने जांच की तो शिकायत फर्जी पाई गई। उसको पता चला की मोनू 27 को भारत लौटा को इस दिन दुष्कर्म होना बता दिया। गुरुवार को डीजीपी को पासपोर्ट व अन्य दस्तावेज सौंपे और जांच की मांग की।

कांग्रेस नेत्री के इशारे पर सामूहिक दुष्कर्म का केस

पुलिस के मुताबिक पीड़िता के पति ने कंपनी में 70 लाख का गबन किया था। जिसमें पीड़िता और कांग्रेस नेत्री अंकिता भी आरोपी रह चुकी है। अंकिता ने दो बार पूर्व में भी शिकायतें करवाई थी। तत्कालीन टीआई मीना कर्णावत ने जांच की लेकिन केस दर्ज करने से इंकार कर दिया। महिला ने मौके का फायदा उठाया और दौबारा शिकायत कर केस दर्ज करवा दिया।

आरोप झूठे निकले पर होगी कार्रवाई

महिला की शिकायत पर केस दर्ज कर लिया है। आरोपी पक्ष ने भी महिला की शिकायत की है। मामले की जांच करवाई जा रही है। आरोप झूठे निकले तो महिला पर केस दर्ज किया जाएगा। हरिनारायणचारी मिश्र, डीआईजी