इंदौर। हीरानगर थाना क्षेत्र में तीन दिन से घर से गायब नगर निगम के बाबू का शव रविवार दोपहर भानगढ़ इलाके से निकल रही खान नदी में मिला। परिजन ने आरोप लगाया कि निगम के ट्रीटमेंट प्लांट के सुरक्षाकर्मियों ने पीट-पीटकर हत्या की है। पुलिस पर भी आरोप लगाया है कि मारपीट की जानकारी देने पर भी पुलिस ने गुमशुदा को नहीं तलाशा, न संदेहियों से पूछताछ की गई। बाबू के घर से चले जाने के बाद से परिजन उसे तलाश रहे थे। रविवार सुबह तलाशते हुए नाले किनारे पहुंचे तो शव पड़ा दिखाई दिया। इसके बाद सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव बाहर निकाला और पोस्टमार्टम के लिए एमवाय अस्पताल पहुंचाया।

पुलिस के मुताबिक, मृतक नीरज (37) पिता सुंदरसिंह ठाकुर निवासी काशीपुरी स्थित निगम क्वार्टर है। 13 जून की शाम नीरज ऑफिस से घर लौट आया था। इसके बाद तैयार हुआ और दस मिनट में आने का बोलकर चला गया। रात 9 बजे भतीजे शुभम पिता प्रेम सिंह ठाकुर से उसकी मोबाइल पर बात हुई। उसने जल्दी घर लौटने का बोला और फोन काट दिया। कुछ देर बाद मोबाइल स्वीच ऑफ हो गया। परिजन थाने पर सूचना देने गए। पुलिस ने रिश्तेदार और अन्य स्थानों पर तलाशने के लिए कहा और 24 घंटे बाद रिपोर्ट लिखाने आने का बोलकर भगा दिया। परिजन ने तलाशने के लिए सोशल मीडिया का भी सहारा लिया। 14 जून को दोपहर ढाई बजे परिजन थाने गए और पुलिस को नीरज के नहीं मिलने की जानकारी दी। पुलिस ने आवेदन लेकर चलता कर दिया। शनिवार को पुलिस ने गुमशुदगी की एफआईआर दर्ज कर ली।

भतीजे से बोले सुरक्षाकर्मी- हमने की थी पिटाई

भतीजे ने बताया कि वह कबीटखेड़ी स्थित निगम के ट्रीटमेंट प्लांट पर नौकरी करता है। वह शुक्रवार को प्लांट गया तो सुरक्षाकर्मी धूलजी, नवीन और जीतू ने बताया कि उन्होंने चाचा (नीरज) के साथ मारपीट की थी। नशे में चाचा का तीनों से विवाद हो गया था। यह जानकारी भी उसने पुलिस और परिजन को दे दी। लेकिन इसके बाद भी पुलिस ने चाचा की तलाश नहीं की। मारपीट करने वाले सुरक्षाकर्मियों से भी पूछताछ नहीं की गई। रविवार सुबह चाचा को तलाशते हुए चचेरा भाई संजय खान नदी के पास पहुंचा था। यहां उसे चाचा का शव दिखा। इसके बाद उसने पुलिस और रिश्तेदारों को जानकारी दी। शुभम ने बताया कि चाचा निगम के न्याय विभाग में पदस्थ थे। चाची कल्पना और भाई स्पर्श उनके साथ एक ही मकान में रहते हैं।

दोस्त और सूदखोर पर भी हत्या का शक

शुभम ने बताया कि चाचा दोस्त पिल्लू के साथ शराब पीते थे। वह भी अक्सर शराब पिलाने के बाद उन पर दबाव बनाकर काम कराता था। चाचा ने सूदखोर अशोक से ब्याज पर रुपए ले रखे थे। वह भी कुछ दिन से पैसे वापस करने का दबाव बना रहा था। ट्रीटमेंट प्लांट के तीनों सुरक्षाकर्मी सहित इन दो लोगों पर भी हत्या करने का शक है। चाचा से मारपीट करते हुए कॉलोनी के युवक मोनू केवट, सचिन और रितिक ने देखा था। तीनों के जरिए 14 जून को पता चला था कि चाचा के साथ सुरक्षाकर्मियों ने मारपीट की थी।

कुर्सी पर बैठे सुरक्षाकर्मी को नशे में पीटा था बाबू ने

थानेदार जगदीश मालवीय ने बताया कि 13 जून की शाम सुरक्षाकर्मी धूलजी प्लांट के बाहर कुर्सी पर बैठा था। तब वहां से गुजर रहे बाबू नीरज ने उसके साथ मारपीट की थी। इसके बाद धूलजी अंदर गया और नवीन उर्फ नीलू और जीतू को बुलाकर ले आया और तीनों ने डंडे से मारा था। इसके बाद बाबू वहां से चला गया था। मारपीट की जानकारी उसी दिन भतीजे को पता चल गई थी। उसी ने सुरक्षाकर्मी का इलाज भी कराया था। घायल सुरक्षाकर्मी के बयान भी हो गए थे। पुलिस गुमशुदा की तलाश कर रही थी। रविवार सुबह प्लांट से दो किलोमीटर दूर बाबू का शव नदी में पड़ा मिला। बॉडी डिकम्पोज होने से चोट के निशान नहीं दिखाई दिए। पोस्टमार्टम की शॉर्ट रिपोट मिलने और परिजन के बयान के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।