इंदौर, नईदुनिया प्रतिनिधि। अप्रैल के पहले सप्ताह में ही तेज गर्मी से परेशान लोगों को सोमवार को राहत मिली। रविवार रात अचानक मौसम में हुए बदलाव के बाद सोमवार का दिन सुकूनभरा रहा। बादलों से ढंके आसमान में सूरज ने सुबह साढ़े 10 बजे बाद जाकर ठीक से दस्तक दी। हवा की वजह से मौमस में ठंडक घुली रही। शाम होते-होते मौसम और सुहाना हो गया। हल्की बूंदाबांदी भी हुई। मौसम विभाग ने चेतावनी दी थी कि 15 अप्रैल को भी आंधी-तूफान आ सकता है लेकिन आधी रात तक मौसम ने अपना रुख शांत ही रखा। हालांकि रविवार रात को आंधी से 10 स्थानों पर गिरे पेड़ों को उठाने और पेड़ों की शाखाओं को साफ करने में वक्त लगा। कई जगह बिजली के तारों में पेड़ों का शाखाएं गिरी हुई थीं। आंधी से शहर की सड़कों पर फैला कचरा सफाई में नंबर वन आए इंदौर के सफाई प्रहरियों के लिए चुनौती से कम नहीं था।

नागपुर मौसम केंद्र की सीनियर साइंटिस्ट एमएस भावना के मुताबिक आसमान में पश्चिमी व पूर्वी हवा का इंटरैक्शन (आपसी मेल) हो रहा है। दक्षिणी-पश्चिमी राजस्थान क्षेत्र में 1.5 किमी के ऊपर चक्रवात बना हुआ है। इसके अलावा कम दबाव की द्रोणिका पूर्वी उप्र से लेकर महाराष्ट्र के अंदरूनी हिस्सों तक मप्र से होते हुए गुजर रही है। इसके कारण मप्र, विदर्भ और छग में रविवार शाम से मौसम में बदलाव आया।

एक लोकल सिस्टम भी बना जिससे मौसम एकाएक बदला। चार-पांच दिन से इंदौर सहित मप्र के इलाकों में गर्मी के साथ वातावरण से नमी भी मिल रही थी। इसी कारण बादल बने और तेज हवा चली। प्री-मानसून एक्टिविटी के तहत अप्रैल में ऐसी स्थिति बनती है। मप्र में तीन दिन तक इसी तरह बादल छाने और गरज-चमक की स्थिति रहने की संभावना है।

चार साल से इसी अवधि में हो रही बूंदाबांदी : बीते चार साल के मौसम विभाग का रिकार्ड देखें तो इसी अवधि में ही आंधी तूफान और बूंदाबांदी हो रही है। यह स्थिति 9 अप्रैल के असापास बन रही है और 12 अप्रैल तक रहती है। उसके बाद अप्रैल के आखिरी सप्ताह में भी इसी तरह का मौसम बनता है। मौसम विभाग के अनुसार इस साल भी यही ट्रेंड रह सकता है।

आंधी ने आम की फसल को पहुंचाया नुकसान

शहर के कई इलाकों में सोमवार को भी तेज आंधी चली। इन दिनों आम के पेड़ों पर कैरी आ चुकी है लेकिन अभी उसका आकार मीडियम व छोटा है। दो दिन चली आंधी के कारण आम के पेड़ों पर से कई कैरियां गिर गईं और आम की फसल को काफी नुकसान हुआ।

नगर निगम मुख्यालय सहित कई जगह गिरे पेड़

चंदन नगर, साकेत, प्रकाशचंद सेठी हॉस्पिटल के पास, पालिका प्लाजा नर्स क्वार्टर के पास, निगम निगम मुख्यालय के गेट नंबर 2 और निगम कंट्रोल रूम के पास, चौहान नगर रोड नंबर 8, वेलोसिटी टॉकीज के पास दो पेड़, न्यू पलासिया रिकवरी हॉस्पिटल सहित अन्य कई इलाके।

बादलों के सेल से चली तेज हवा

इस तरह के सिस्टम में शहर के ऊपर अलग-अलग जगहों पर गरज-चमक वाले बादलों के सेल बन जाते हैं। ये बादल शहर के जिस हिस्से में होते हैं, उसके आसपास ही तेज हवा और गरज-चमक की स्थिति बनती है। इसी कारण रविवार शाम मौसम में बदलाव आया। - एसके डे, वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक, मौसम केंद्र भोपाल

मौसम विभाग ने जारी की चेतावनी

- मौसम विभाग ने इंदौर और उज्जैन संभाग के जिलों में दो दिन में धूलभरी आंधी की संभावना जताई है। इस वजह से अलर्ट जारी करते हुए कुछ चेतावनी व निर्देश भी दिए हैं।

- किसान अपने खेतों में काटकर रखी फसलों को सुरक्षित स्थानों पर रखें।

- शाम के समय लोग घरों से बाहर न निकलें। भले ही बारिश न हो, बिजली गिर सकती है।

- ट्रक व सामान ले जाने वाले वाहन चालक रात के समय सफर न करें।