लोकेश सोलंकी, इंदौर। बढ़ते ट्रैफिक, पार्किंग समस्या, संकरे रास्ते और कॉर्पोरेट कारोबार से जूझ रहे पारंपरिक सराफा ने ग्राहकों को जोड़ने के लिए कवायद शुरू की है। एसोसिएशन त्योहारी सीजन में ग्राहकों को 60 लाख रुपए के इनाम बांटने की तैयारी में है। 100 साल पुराने होलकरकालीन बाजार का अस्तित्व बनाए रखने के लिए यह कोशिश 18 साल बाद की जा रही है। इससे पहले वर्ष 2000 की मंदी में भी ऐसा ही कदम उठाया गया था।

एसोसिएशन के अध्यक्ष हुकम सोनी के मुताबिक, दशहरे के बाद और धनतेरस के एक दिन पहले तक 12 दिन के दौरान बाजार से खरीदी करने वाले ग्राहकों को ड्रॉ के जरिए इनाम दिया जाएगा। इसके दायरे में बाजार की सभी डेढ़ हजार दुकानें आएंगी।

तीन-चार वर्षों से हम ग्राहकों को सराफा में वापस लाने की योजना पर विचार कर रहे थे। एक महीने पहले से व्यापारियों ने गाड़ियां पार्क करना बंद कर दिया है। यानी ग्राहक अपने वाहन से बाजार तक आ सकता है। सुभाष चौक-राजवाड़ा की कार पार्किंग से ग्राहकों को लाने के लिए ई-रिक्शा की मुफ्त व्यवस्था भी कर रहे हैं।