इंदौर। एमबीबीएस-बीडीएस सहित अन्य मेडिकल कोर्स की डी बैच (बैक बैच) की परीक्षाओं को लेकर असमंजस की स्थिति बन गई है। देवी अहिल्या विश्वविद्यालय ने ये परीक्षा कराने से इनकार कर दिया है। ये परीक्षाएं मेडिकल यूनिवर्सिटी में शिफ्ट करने की तैयारी चल रही है।

कुलपति के निर्देश पर अधिसूचना निकाली जाना है परंतु विद्यार्थियों ने अधिकारियों को डीएवीवी से ही परीक्षा देने की इच्छा जताई है। बीडीएस फाइनल ईयर के विद्यार्थी सोमवार को परीक्षा नियंत्रक से मिलने पहुंचे। वहां विद्यार्थियों ने परीक्षा करवाने के बारे में पूछा तो अधिकारी ने इससे मना कर दिया।

परीक्षा नियंत्रक डॉ. अशेष तिवारी ने कहा कि अब मेडिकल कोर्स की सारी परीक्षाएं जबलपुर स्थित मेडिकल यूनिवर्सिटी में शिफ्ट होना हैं। यह फैसला समन्वय समिति में हो चुका है। इस पर विद्यार्थियों ने आपत्ति दर्ज करवाई और कहा कि डीएवीवी ही परीक्षा करवाए।

इसके बाद विवि में मेडिकल कोर्स विभाग के बाबू ने जल्दबाजी में परीक्षा शिफ्ट करने की अधिसूचना भी तैयार कर दी, लेकिन डिप्टी रजिस्ट्रार प्रज्वल खरे ने हस्ताक्षर करने से इनकार कर दिया। उन्होंने तर्क दिया कि अधिसूचना निकालने से पहले पूरे मामले को नोटशीट पर लिया जाए।

इस पर कुलपति से लिखित में अनुमति हो। वहीं बाबू का कहना था कि कुलपति डॉ. नरेंद्र धाकड़ ने मौखिक सहमति दे दी है। परीक्षा विभाग के डिप्टी रजिस्ट्रार प्रज्वल खरे ने बताया कि परीक्षाएं शिफ्ट होना हैं। इसके लिए कुलपति की लिखित अनुमति की जरूरत है। उसके बाद ही अधिसूचना निकाली जाएगी।

मामले में कुलपति से चर्चा के बाद जल्द ही निर्णय लिया जाएगा। वहीं परीक्षा नियंत्रक डॉ. तिवारी का कहना है कि दो महीने पहले राज्यपाल आनंदीबेन पटेल की अध्यक्षता में समन्वय समिति की बैठक हुई थी। वहां मेडिकल कोर्स की परीक्षाएं जबलपुर मेडिकल यूनिवर्सिटी में शिफ्ट होने पर सहमति बनी। बीते दिनों मेडिकल यूनिवर्सिटी के कुलपति का भी पत्र मिल चुका है।

एक हजार विद्यार्थी प्रभावित

एमबीबीएस, बीडीएस, बीपीटी, एमपीटी, बीएएमएस, बीएचएमएस समेत अन्य मेडिकल कोर्स के डी बैच की लगभग 15 परीक्षाएं पिछले सत्र तक डीएवीवी से संचालित होती थीं।

इसमें एक हजार से ज्यादा विद्यार्थी हैं। इनकी परीक्षा को लेकर असमंजस की स्थिति बनी है। मामले में जल्द ही डीएवीवी को निर्णय लेना होगा। बताया जाता है कि कॉलेज और विद्यार्थी डीएवीवी से मेडिकल परीक्षाएं शिफ्ट करने के पक्ष में नहीं हैं।