महेश्वर/इंदौर, नईदुनिया रिपोर्टर। 'सिलसिला मेरे बाद में यूं ही चलना चाहिए, मैं रहूं या ना रहूं भारत ये रहना चाहिए'। शंकर महादेवन की आवाज में ये बोल महेश्वर के अहिल्येश्वर परिसर में चल रही 'मणिकर्णिका : द क्वीन ऑफ झांसी' की शूटिंग के दौरान सुनाई दिए। अभिनेत्री कंगना रनौत एवं इंदौर की कत्थक नृत्यांगना रागिनी मक्खर पर विठोबा की छत्री के पास रंगोली बनाते हुए यह दृश्य फिल्माए गए। दृश्य में देशप्रेम से ओतप्रोत झांसी की रानी रंगोली बनाती है और नेपथ्य में उक्त गाना बजाया जाता है।

इस दौरान उनकी भावनाओं को समझ मराठी परिवेश में रंगोली बना रही मक्खर मुस्कुराती है। ध्यानमग्न मनु (झांसी की रानी) की तंद्रा टूटती है तो वह भी मक्खर की ओर हल्की मुस्कान देती है। गुरुवार को प्रात: करीब 11 बजे शुरू हुई शूटिंग में झांसी की रानी का बचपन दिखाया गया। जहां अन्य बच्चों के साथ बालिका मनु को शस्त्र कला को सीखते हुए फिल्माया गया।

शहर की नृत्यांगना भी दिखेंगी सिल्वर स्क्रीन पर

फिल्म मणिकर्णिका में शहर की ख्यात नृत्यांगना रागिनी मक्खर को नृत्य करने का मौका मिला है। फिल्म में वे झांसी की रानी का किरदार निभा रही कंगना रनौत के साथ नृत्य करेंगी। कोरस में रागिनी की शिष्याएं भी शामिल हैं। यह गीत झांसी की रानी के उस भाव को लेकर फिल्माया गया जिसमें वे अपने बाद भी देश के अस्तित्व और स्वतंत्रता की कामना करती हैं।

फिल्म की शूटिंग के दौरान किले परिसर के अलग-अलग हिस्सों सहित किला परिसर में झरोखों में बने शिव मंदिर को भी फूलों से सजाया गया। कलाकारों ने रंगोली उकेरी। वहीं सोलह वारी साड़ी (महाराष्ट्रीयन) पहनी महिला कलाकार एवं घाघरा-चोली में बालिकाओं के साथ मराठी काल के सैनिकों की वेशभूषा में घूमते कलाकार किले के माहौल में मराठी साम्राज्य की याद दिला रहे थे।