इंदौर, नईदुनिया प्रतिनिधि। 6 वर्षीय अक्षत जैन को अगवा करने वाले बदमाशों ने किराना व्यापारी से जिस मोबाइल से फिरौती मांगी, वह सिम यूपी की निकली। रुपए मांगने के तत्काल बाद आरोपितों ने मोबाइल बंद कर लिया। पुलिस ने उसकी आखिरी लोकेशन निकाली जो सुखलिया क्षेत्र की निकली। कॉल डिटेल के आधार पर देर रात एक महिला से पूछताछ की गई। कुछ किरायेदार और अन्य संदेहियों से भी पूछताछ की जा रही है। हीरानगर थाना क्षेत्र में बच्चे के अपहरण ने शहर में सनसनी फैला दी है। घटना के बाद पूरे शहर की नाकाबंदी करवा दी गई और क्राइम ब्रांच सहित कई थानों की टीम को जांच में लगा दिया गया है।

एसपी (पूर्व) अवधेश गोस्वामी के अनुसार वारदात में रोहित के परिचितों पर शक है। गाड़ी चला रहे बदमाश का चेहरा स्पष्ट नहीं आया लेकिन पीछे बैठे बदमाश का चेहरा स्पष्ट दिख रहा है। वारदात के तरीके से साफ जाहिर होता है उन्होंने बच्चे के आने जाने की रैकी की थी। बच्चा रोजाना दो-तीन घंटे बगीचे में खेलता था। वहां कई बच्चे खेल रहे थे। लेकिन उन्होंने अक्षत को ही बुलाया और उठा कर ले गए। जिस मोबाइल से कॉल किया, वह ट्रू कॉलर पर सूर्या के नाम से शो कर रही थी। जबकि सिम यूपी से एयरटेल कंपनी से खरीदी गई है। पुलिस ने कॉल डिटेल के आधार पर स्कीम-54 में एक घर में दबिश दी और एक महिला को बुलाया।

हर कोई फुटेज लेकर ढूंढने में जुटा

जैसे ही बच्चे के अपहरण की खबर कॉलोनी में फैली, रोहित के घर में भीड़ लग गई। पत्नी शिल्पा की तबीयत खराब हो गई। लोग खुद भी बच्चे की तलाश में जुट गए। कॉलोनी में लगे सीसीटीवी कैमरे से फुटेज निकाले और वाट्सएप व सोशल मीडिया पर शेयर करना शुरू कर दिए। रहवासियों के अनुसार अक्षत चंचल प्रवृत्ति का है। वह माता-पिता के अलावा किसी के पास नहीं रुकता था। बदमाश भी उसे धमका कर चुप नहीं कर सकते हैं। इस जानकारी के बाद पुलिस ने अलग अलग टीमें गठित की और स्कीम-78, कनाड़िया रोड़, गांधीनगर क्षेत्र में रवाना कर दी।