इंदौर। सचिन तेंदुलकर रन मशीन है, और राहुल बाबा फन मशीन, क्योंकि वे राजनीति को मनोरंजन समझते हैं। उन्होंने मुझे घोषणा वीर कहा था, मैं स्वीकार करता हूं कि मैं घोषणा वीर हूं। मैंने नर्मदा का जल गंभीर में लाने की घोषणा की थी, जो आज पूरी कर दी।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने यह बात गुरुवार को देपालपुर में नर्मदा-गंभीर लिंक परियोजना के शुभारंभ पर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी पर कटाक्ष करते हुए मंच से कही।

उन्होंने कहा कि अब मालवा की धरती भी खेती में ज्यादा पैदावार कर पंजाब और हरियाणा को टक्कर देगी। 2 हजार करोड़ रुपए की इस परियोजना से मालवा के 164 गांव में सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध होगा। इसमें देपालपुर के 75 गांव, सांवेर के 26, महू के 6, उज्जैन, बड़नगर घटिया गांव के किसान सिंचाई कर सकेंगे।

परियोजना के माध्यम से 1 लाख हैक्टेयर से अधिक जमीन पर सिंचाई होगी। अलीराजपुर, छैगांवमाखन, झाबुआ, बड़वानी बदनावर में भी सिंचाई की परियोजना शुरू हो चुकी हैं, इससे मालवा और निमाड़ की 22 लाख एकड़ जमीन पर सिंचाई होगी। अब मप्र, पंजाब और हरियाणा को पीछे छोड़ हरित प्रदेश की श्रेणी में भी नंबर वन होगा।

इस मौके पर लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने कहा कि देश के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने नदियों को जोड़ने की परियोजना बनाई थी, लेकिन यह योजना मूर्त रूप ले पाती उससे पहले ही केंद्र में यूपीए सरकार आ गई और इस महती योजना को ठंडे बस्ते में डाल दिया, लेकिन मुख्यमंत्री शिवराजसिंह ने अटल जी की इस योजना को मूर्त रूप देने का काम किया।

गरीबों की योजना में कांग्रेस लगाती है अडंगा

सीएम बोले कि कांग्रेसी नेता जनकल्याण के लिए बनाई गई योजनाओं में अडंगा लगाने का काम करते हैं। महत्वकांक्षी योजना संबल में भी कांग्रेस के पूर्व मंत्री कपिल सिब्बल ने अड़ंगा लगाने का प्रयास किया था, लेकिन कोर्ट ने याचिका खारिज कर दी, सरकार गरीबों के कल्याण के लिए योजना बनाती हैं, लेकिन कांग्रेसी अडंगा लगाते हैं, मुझ से दुश्मनी है तो मुझसे बदला लो, गरीबों से बदला मत लो, प्रदेश की साढ़े सात करोड़ जनता के विकास में अड़ंगा लगाकर उन्हे क्यों परेशान कर रहे हो। हम गरीबी को खत्म करके रहेंगे, बुनियादी सुविधाओं को जुटाकर उनके जीवन स्तर को ऊपर उठाकर सम्मान की जिंदगी देंगे।

कांग्रेसी राजा-महाराजा हंसी उड़ाते थे

हमारे पूर्वजों द्वारा "डग डग रोटी-पग पग नीर" की कहावत कही जाती थी, लेकिन मालवा में जलस्तर रसातल में चल गया है। जब विशेषज्ञों ने बताया कि मालवा को रेगिस्तान बनाने से बचाना होगा, इसका एक ही तरीका है कि नर्मदा को नहरों से नहीं लाया जा सकता क्योंकि मालवा का पठार ऊंचाई पर है, इसलिए पाइप के माध्यम से लाया जा सकता है। तब कांग्रेस के राजा-महाराजा और उद्योगपति हंसी उड़ाते हुए इसे असंभव बताया था, तब हमने नर्मदा-क्षिप्रा परियोजना बनाई और इंदौर जिले के उज्जैनी में मां नर्मदा को लेकर उज्जैन तक पानी पहुंचाने का कार्य किया। मां नर्मदा को गंभीर मैया से मिलाकर हमने मालवा को सिंचाई में आत्मनिर्भर बनाने के संकल्प को पूरा कर दिखाया है।

इंदौर की सड़कें वाशिंगटन से बेहतर

उन्होंने कहा कि मैंने प्रदेश में सड़कों का जाल बिछाने की घोषणा की थी, वर्तमान में प्रदेश में 2 लाख किमी सड़कों का जाल बिछा दिया, मैं अब भी कहता हूं कि इंदौर की सड़कें वाशिंगटन की सड़कों से बेहतर हैं। मैंने 24 घंटे बिजली देने की घोषणा की तो मेरा मजाक उड़ाया गया, आज प्रदेश भर के गांवों में भी 24 घंटे बिजली मिल रही है।

सोयाबीन का तय होगा समर्थन मूल्य

सीएम ने परियोजना की शुरुआत के दौरान मंच से घोषणा करते हुए कहा कि किसानों को उनके पसीने की पूरी कमाई दी जाएगी। अभी सोयाबीन कट रही है, 1-2 दिन सोयाबीन के मार्केट रेट देख कर समर्थन मूल्य तय कर दिया जाएगा।