इंदौर, नईदुनिया प्रतिनिधि। नशे में धुत एक रिक्शा चालक तीन लोगों की, कार चालक चार लोगों की, ट्रेन चालक हजारों की जान खतरे में डाल देता है, लेकिन एक गुरु नशे में होकर काम करता है तो पूरे संसार को खतरा हो जाता है। फर्जी डॉक्टरों की तरह फर्जी धर्मगुरुओं के खिलाफ भी सरकार को कोई कानून बनाना चाहिए। आजकल स्वयंभू गुरु बनने की नई बीमारी फैल रही है। यह भी खतरनाक रोग है।

यह बात महामंडलेश्वर स्वामी परमानंद गिरि महाराज ने बुधवार को एरोड्रम रोड स्थित अखंड धाम आश्रम पर कही। वे 50वें अ.भा. अखंड वेदांत संत सम्मेलन की अध्यक्षता करते हुए संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि सत्य को समझने के लिए विवेक चाहिए। धन, पद एवं शक्ति से लेकर देह का अहंकार छूटे बिना हमारा उद्धार नहीं हो सकता। मैं का अहंकार सबसे ज्यादा घातक है। सच्चा गुरु वही हो सकता है जो ब्रह्मनिष्ठ हो और जिसमें सत्य को समझने की क्षमता हो।

जगद्गुरु शंकराचार्य भानपुरा पीठाधीश्वर स्वामी दिव्यानंद तीर्थ के मुख्य आतिथ्य एवं महामंडलेश्वर डॉ. स्वामी चेतन स्वरूप के सान्निाध्य में स्वामी परमानंद ने आश्रम की वेबसाइट का लोकार्पण भी किया। कार्यक्रम में देवकृष्ण सांखला, हरि अग्रवाल, दीपक जैन टीनू, डॉ. योगेंद्र महंत, ठा. विजयसिंह परिहार, किरण ओझा, सचिन सांखला, हरेराम वाजपेयी आदि मौजूद थे। आश्रम के संत राजानंद एवं संत दुर्गानंद ने गुरुवंदना प्रस्तुत की। संचालन स्वामी नारायणानंद ने किया।

आज होंगे ये आयोजन : गुरुवार को स्वामी परमानंदगिरि महाराज के आशीर्वचन शाम 4 बजे से होंगे। इसके बाद मुंबई के महामंडलेश्वर स्वामी चिदंबरानंद सरस्वती, वृंदावन के महामंडलेश्वर स्वामी भास्करानंद, स्वामी प्रणवानंद सरस्वती, हरिद्वार के स्वामी ज्योतिर्मयानंद, स्वामी स्वरूपानंद (रतलाम), अर्चना दुबे (सारंगपुर), कृष्णा माई (आष्टा), स्वामी नारायणानंद (चौबारा) के प्रवचन भी होंगे। रात 8 बजे से सागर के वसुंधरा लोककला संस्थान के डॉ. उमेश वैद्य के निर्देशन में कृष्णलीला का मंचन होगा।