इंदौर, नईदुनिया प्रतिनिधि। मुझे शीर्ष नेतृत्व ने पश्चिम बंगाल की जिम्मेदारी दी है। वहां हम बड़ी जीत की तरफ बढ़ रहे हैं। इंदौर की एक सीट के लालच में मैं पश्चिम बंगाल से ध्यान हटाना नहीं चाहता। मैंने संगठन को अपनी मंशा बता दी है, लेकिन पार्टी इंदौर से चुनाव लड़ने के लिए कहेगी तो मना करने की मेरी हैसियत नहीं है। यह बात भाजपा महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने शनिवार को मीडिया से चर्चा में कही। उन्होंने कहा कि उम्र के मापदंड के कारण ताई को टिकट नहीं मिला, लेकिन टिकट मिलने से राजनीतिक कद तय नहीं होता। ताई हमारी बड़ी नेता हैं और रहेंगी। उनके नेतृत्व में शहर में काफी विकास हुआ है। इस कारण इंदौर भाजपा की परंपरागत सीट बन गई। यहां से भाजपा का कार्यकर्ता भी चुनाव जीत सकता है। उन्होंने कहा कि ताई और भाई के बीच झगड़े की बात मीडिया फैलाता है। हमारे बीच कोई विवाद नहीं है।

भोपाल से दिग्विजय सिंह को उम्मीदवार बनाए जाने के मामले में उन्होंने कहा कि सिंह को प्रदेश की जनता ने खराब सड़क, बिजली गुल वाले मुख्यमंत्री के रूप में भुगता है। वे भाजपा के लिए बड़ी चुनौती नहीं हैं। चाहे वे मंदिर, मस्जिद, गुरुद्वारा या चर्च जाएं, उनकी छवि बदलने वाली नहीं है। जनता उनका शासनकाल अब तक नहीं भूली है।

आयकर छापे को लेकर विजयवर्गीय ने कहा कि प्रदेश सरकार तबादला उद्योग चला रही है। 15 साल तक प्रदेश में भाजपा की सरकार रही, लेकिन कभी ऐसे आरोप नहीं लगे। कांग्रेस सरकार को 15 महीने भी नहीं हुए और ऐसे मामले सामने आने लगे। सरकार अपनी विश्वसनीयता खो चुकी है। लोकसभा चुनाव में जनता कांग्रेस को सबक सिखाएगी।