इंदौर। लोकसभा चुनाव के सातवें और आखिरी चरण में रविवार को मध्य प्रदेश की 8 लोकसभा सीटों पर वोट डाले जाएंगे। इसमें इंदौर सीट भी शामिल है। ऐसे में आज सुबह नेहरू स्टेडियम में मतदान दल को सामग्री बांटी गई। खुद जिला निर्वाचन अधिकारी लोकेश जाटव सुबह नेहरू स्टेडियम पहुंचे और मतदान सामग्री वितरण के काम को जांचा। जिस मतदान दल को ग्रामीण अंचलों में वोटिंग के लिए जाना है, वो सामग्री लेकर रवाना हो गए।

इंदौर जिले ने चुनाव व्यवस्था में एक बार फिर इतिहास रचा दिया है। जिला प्रशासन नगर निगम की व्यवस्थाओं के चलते आज जहां मतदान दलों के कर्मचारी काफी खुश नजर आए। वहीं पहली बार लगभग 11:00 बजे सभी विधानसभा क्षेत्रों के मतदान दल नेहरू स्टेडियम से रवाना हो चुके थे। इस बार की गई व्यवस्था के लिए प्रमुख रूप से इंदौर नगर निगम को जिला निर्वाचन अधिकारी द्वारा सराहा गया। इंदौर में पहली बार ऐसा हुआ कि मतदान दलों को अपनी टेबल कुर्सियों पर ही मतदान सामग्री लाकर दी गई। मतदान सामग्री ले जाने के लिए 900 से अधिक गाड़ियों का इंतजाम किया गया है। हर वाहन में जीपीएस लगा हुआ है, ताकि मतदान सामग्री लेकर जाने वाले वाहन की लोकेशन पता चलती रही।

मतदान के दौरान किसी बूथ पर कोई ईवीएम तकनीकी कारण से खराब होती है तो उसे अधिकतम 10 से लेकर 30 मिनट के अंदर बदला जाएगा। इसके लिए जिले के शहरी और ग्रामीण एरिया में 17 केंद्र चिन्हित किए गए हैं, जहां ईवीएम का भंडारण किया जाएगा, ताकि जरूरत पड़ने पर इन स्थानों से ईवीएम लेकर निर्धारित मतदान केंद्र पर पहुंचाई जा सके।

एसएसपी रुचिवर्धन मिश्र ने बताया कि निष्पक्ष और शांतिपूर्ण मतदान के लिए कानून व्यवस्था चाक-चौबंद रहेगी। इसके लिए इंदौर से लगने वाले चार जिलों की सीमा पर कुल आठ नाके बनाए गए हैं। इनमें 24 घंटे लगातार 60 के बल के साथ सीएपीएफ का बल भी लगाया गया है।

आंकड़ों में मतदान की तैयारी

- संसदीय क्षेत्र में कुल 2575 और जिले में 2881 मतदान केंद्र हैं।

- लोकसभा सीट इंदौर में कुल 23 लाख 49 हजार 476 मतदाता हैं।

- 529 संवेदनशील मतदान केंद्र हैं, जहां सुरक्षा और निगरानी के विशेष इंतजाम रहेंगे।

- 690 पिंक बूथ होंगे, जहां सभी मतदान कर्मचारी महिलाएं होंगी। साथ ही 340 हाईब्रिड बूथ बनाए गए हैं, जिनमें दो महिला और दो पुरुष कर्मचारी रहेंगे।

- चुनाव के इंतजाम के लिए लगभग 591 अधिकारी, 2400 पुलिस कर्मचारी, 450 होमगार्ड, 2900 विशेष पुलिस अधिकारी रहेंगे।

- आचार संहिता लगने से अब तक 800 अवैध शस्त्र जब्त किए गए हैं। अभी तक 4366 गैर जमानती वारंट तामील कराए गए हैं।

- केंद्रीय सशस्त्र सुरक्षा बलों के 800 लोगों को भी चुनाव संबंधी कार्रवाई का प्रशिक्षण दिया गया है।