इंदौर। आज एमपी बोर्ड के बारहवीं के नतीजों का ऐलान हुआ। गणित, कला, एग्रीकल्चर जैसे विषयों में जहां दूसरे जिलों के बच्चों ने बाजी मारी। वहीं कॉमर्स में मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर के बच्चों का दबदबा रहा। कॉमर्स की मेरिट लिस्ट में जहां भोपाल के विवेक गुप्ता 486 अंकों के साथ पहले स्थान पर रहे। वहीं इंदौर की मानसी राठौर ने मेरिट लिस्ट में तीसरा स्थान हासिल किया है। मानसी को पांच सौ में से 481 अंक मिले हैं। वो
बालाजी गणेश मारवाड़ी स्कूल की छात्र हैं। मानसी के लिए टॉपर्स की लिस्ट में जगह बनाना आसान नहीं था। क्योंकि परिवार की माली हालत अच्छी नहीं थी। पिता पेशे से मैकेनिक हैं। इतनी आमदनी नहीं होती कि बच्ची को सीबीएसई स्कूल में पढ़ा पाते।


इसी मजबूरी की वजह से मानसी को सीबीएसई स्कूल छोड़कर एमपी बोर्ड से पढ़ाई करनी पड़ी। शहर के बराभाई मोहल्ले में रहने वाली मानसी को यहां तक पहुंचने के लिए काफी संघर्ष करना पड़ा। शहर में दो साल पहले स्मार्ट रोड के नाम पर बियाबानी इलाके में सड़क चौड़ीकरण का काम हुआ। इसकी जद में मानसी के पिता की दुकान भी आई और टूट गई। ऐसे में परिवार को वहां से दूसरी जगह रहने जाना पड़ा।

आमदनी कम हुई तो पिता को मैकेनिक का काम करना पड़ा। लेकिन आज जब बेटी की इस कामयाबी की कहानी परिवारवालों को पता चली तो सब दर्द काफूर हो गए और पूरा परिवार जश्न में डूब गया। घर पर ढोल बजने लगे और बेटी की कामयाबी पर न सिर्फ पिता और मां नाचे बल्कि दादा-दादी भी फूले नहीं समाए। मानसी की पढ़ाई में उसके चचेरे भाई अंकित ने भी काफी मदद की। कॉमर्स में टॉप करने वाली मानसी अब सीए करना चाहती हैं और इसकी कोचिंग भी शुरू कर दी है।


मानसी के अलावा शहर के सराफा स्कूल की तीन लड़कियों ने कॉमर्स की मेरिट लिस्ट में स्थान बनाया है। छठे स्थान पर सराफा स्कूल की तपस्या ऐरन हैं। उसे पांच सौ में से 478 अंक हासिल किए हैं। इसी स्कूल की कशिश 474 अंक के साथ मेरिट लिस्ट में दसवें नंबर पर हैं। इतने ही अंकों के साथ इसी स्कूल की किरण परिहार मेरिट लिस्ट में दसवें स्थान पर रही।