इंदौर, टीम नईदुनिया। अगर मन में कुछ कर गुजरने का जज्बा हो तो कठिनाइयां भी रोड़ा नहीं बनती। परिवार की आर्थिक मदद के लिए ठेले पर सामान बेचने और बचे हुए वक्त में पढ़ाई करने वाला सरकारी स्कूल का छात्र हजारों बच्चों के लिए मिसाल बन गया। संसाधनों का रोना रोने वाले बच्चों व परिजन के लिए इंदौर जिले के ये टॉपर्स एक मिसाल हैं।

प्रदेश की मेरिट लिस्ट में इंदौर के शहरी बच्चों ने स्थान बनाया, लेकिन जिले की सूची में तहसील के बच्चे टॉपर रहे। इंदौर जिले के कक्षा 10वीं के टॉपर में बेटमा का अभिषेक नायक पहले नंबर पर है, वहीं दूसरे नंबर पर इंदौर के मोइनुद्दीन और आशी खंडेलवाल रही। तीसरे नंबर पर शहर के चार छात्र रहे जिनमें सौरभ तंवर, साक्षी ठाकुर, राजा कुशवाह और नेहल काले हैं।

भाई को पढ़ाने के लिए दो बहनों ने छोड़ी पढ़ाई

शासकीय बाल विनय मंदिर उत्कृष्ट स्कूल में पढ़ने वाले राजा कुशवाह ने दसवीं में इंदौर की मेरिट लिस्ट में 96.40 अंक पाकर तीसरा स्थान प्राप्त किया। राजा के पिता बचपन में ही परिवार को छोड़कर चले गए थे। मां विद्या और दो बड़ी बहनें कृष्णा व भारती के साथ वह परदेशीपुरा के छोटे से मकान में रहता है। राजा ने बताया कि उसकी मां व दोनों बहने बच्चों के कपड़ों में बटन लगाने व सिलाई करती हैं। राजा की पढ़ाई में पैसों की परेशानी न आए, इसके लिए बहनों ने दसवीं के बाद पढ़ाई छोड़ दी। घर में आर्थिक परेशानी के चलते राजा भी राखी, दीपावली, होली आदि त्योहारों के दौरान ठेले पर पाटनीपुरा चौराहे पर दुकान लगाता है। राजा के मुताबिक मैंने 90 प्रतिशत की उम्मीद की थी। रोज घर पर तीन से चार घंटे पढ़ाई की। अब गणित विषय लेकर बैंक-पीओ की तैयारी करना है। सरकारी नौकरी पाना प्राथमिकता है।

गणित में 99 अंक : अभिषेक जिले में अव्वल

बेटमा। बेटमा की भोजपुरी कॉलोनी में रहने वाले अभिषेक नायक ने कक्षा 10वीं में 96.8 प्रतिशत अंक प्राप्त कर इंदौर जिले में टॉप किया है। अभिषेक को 500 में से 484 अंक मिले। वह शिवा एकेडमी का छात्र है। अभिषेक के पिता प्रकाशचंद्र नायक निजी कंपनी में नौकरी करते हैं और मां सुष्मिता गृहिणी हैं। अभिषेक ने गणित व विज्ञान विषय में 99, संस्कृत में 97, सोशल साइंस में 95 व अंग्रेजी में 94 अंक प्राप्त किए। अभिषेक ने बताया कि उसने पूरे वर्ष छह से सात घंटे नियमित रूप से पढ़ाई की है। आगे चलकर इंजीनियर बनने की इच्छा रखने वाले अभिषेक ने अपनी सफलता का श्रेय शिक्षक विकास पाठक एवं अपने माता-पिता को दिया है। परिजन ने बताया कि वे ओडिशा के रहने वाले हैं और पिछले 18 वर्षों से भोजपुरी कॉलोनी में रह रहे हैं।

ट्रक ड्राइवर का बेटा जिले में दूसरे नंबर पर

जिंसी हाट मैदान में रहने वाला मोइनुद्दीन शासकीय सुभाष उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, बड़ा गणपति में 10वीं का छात्र है। वह इंदौर जिले में मेरिट में आए छात्रों में दूसरे नंबर पर है। उसे 96.6 प्रतिशत अंक हासिल हुए। मोइनुद्दीन के पिता शहजाद खान ट्रक ड्राइवर हैं। मोइनुद्दीन के परिवार में दो बड़े और एक छोटा भाई है। मोइनुद्दीन का कहना है कि 11वीं में पीसीएम लेकर इंजीनियरिंग का कोर्स करना चाहता हूं। इसके बाद पीएससी की तैयारी भी करना चाहता हूं। मोइनुद्दीन के मुताबिक आम दिनों में स्कूल के बाद वह दो घंटे कोचिंग और दो घंटे सेल्फ स्टडी करता था। परीक्षा के दिनों में पांच घंटे ही सोता था। मोइनुद्दीन ने फोन पर पिता को बताया तो उन्होंने कहा कि उसे वे साइकिल दिलवाएंगे।

सीए बनना चाहती हैं आशी

दसवीं में जिले की मेरिट सूची में अल्पाइन पब्लिक स्कूल की आशी खंडेलवाल ने 96.60 प्रतिशत पाकर दूसरा स्थान प्राप्त किया है। आशी ने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता और शिक्षकों को दिया। आशी कॉमर्स-गणित विषय लेकर भविष्य में चार्टर्ड अकाउंटेंट बनना चाहती है। आशी के पिता सुरेंद्र खंडेलवाल ने कहा कि वे बेटी का सपना पूरा करने में हमेशा उसके साथ हैं।