इंदौर, नईदुनिया प्रतिनिधि। शहर के पश्चिम क्षेत्र के नृसिंह बाजार स्थित प्राचीन नृसिंह मंदिर में बुधवार को तीन दिनी नृसिंह महोत्सव की शुरुआत हुई। इस मौके पर पहले दिन जहां भगवान का अभिषेक के साथ भजनों से महिमा गाई गई वहीं 200 साल पुराने भगवान नृसिंह के मुखौटे पर स्वर्ण वरक चढ़ाया गया। इसके अलावा अन्य देवी-देवताओं के मुखौटे पर साज-सज्जा की गई।

शाही फौजें देती थीं नृसिंह भगवान को सलामी

मंदिर के पुजारी के अनुसार भगवान नृसिंह की मूर्ति होलकर राजवंश के छठे शासक यशवंतराव प्रथम को महेश्वर के जंगल में शिकार के दौरान खोह में मिली थी। इस मूर्ति को होलकर शासक युद्ध में अपने साथ सम्मान के साथ ले जाते थे। वापस लौटने पर विधिवत पूजन कर फिर प्रतिष्ठित किया जाता था।

तीन दिनी नृसिंह महोत्सव की शुरुआत बुधवार सुबह अभिषेक-पूजन के साथ हुई। सुबह से भक्तों द्वारा दर्शन का सिलसिला शुरू हो गया था। शाम को वैष्णवी महिला मंडल द्वारा भजनों की प्रस्तुति दी गई। इसके बाद आरती व प्रसाद वितरण हुआ। पुजारी छोटेलाल शर्मा ने बताया कि मुख्य समारोह 17 मई को होगा इस दिन भगवान नृसिंह की शोभायात्रा निकाली जाएगी। शाम 5 बजे हिरण्य कश्यप, भगवान गणेश, हनुमानजी, शिवजी की सवारी निकलने का सिलसिला शुरू होगा। शाम 7 बजे भगवान नृसिंह की शोभायात्रा निकाली जाएगी।