इंदौर। मक्सी-इंदौर के बीच चलने वाली ट्रेन का पेंटोग्राम शनिवार को फिर लक्ष्मीबाई नगर स्टेशन से गुजरने वाली लाइन में फंस गया। इससे बिजली के तार टूटे और सप्लाय प्रभावित हो गई। नतीजतन, ट्रेन कई घंटे स्टेशन पर खड़ी रही। करीब 14 ट्रेनें प्रभावित हुई और तय समय से कई घंटे लेट रहीं। यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।

शनिवार सुबह पौने 6 बजे इंदौर से मक्सी के लिए रवाना हुई ट्रेन ने जैसे ही लक्ष्मीबाई नगर स्टेशन की पुलिया पार की, इंजन के ऊपर लगा पेंटोग्राम से ओएचई (बिजली का तार, जिससे करंट सप्लाय होता है) टूट गया। ट्रेन तुरंत जस की तस रुक गई। तत्काल लोको पायलट ने रेलवे अधिकारियों को सूचित किया। वरिष्ठ जनसंपर्क अधिकारी जितेंद्र कुमार जयंत के मुताबिक सुधार में करीब तीन घंटे लगे। हालांकि इस दौरान इंदौर आने-जाने वाली 14 ट्रेनें प्रभावित हुईं। ट्रेन में बैठे यात्रियों को जब पता चला कि तार टूट गया है और सुधरने में समय लगेगा तो वे रेलवे को कोसते हुए अन्य साधनों से रवाना हो गए।

बार-बार क्यों टूट रहा ओएचई

सप्ताह में दो बार ओएचई टूटने की घटना से रेलवे के मेंटेनेंस पर सवाल उठ रहे हैं। लक्ष्मीबाई नगर स्टेशन पर कुछ माह पहले ही इलेक्ट्रिफिकेशन का काम हुआ है, फिर भी पेंटोग्राम से बार-बार ओएचई केबल टूट रही है। इधर, लक्ष्मीबाई नगर स्टेशन के निर्माण कार्य में लापरवाही की शिकायत पहले ही रेलमंत्री और लोकसभा स्पीकर को की जा चुकी है।

क्या होता है पेंटोग्राम

रेलवे के तकनीकी अधिकारियों के मुताबिक इलेक्ट्रिक इंजन के ऊपर एक स्टैंड होता है, जो रेलवे लाइन के ऊपर से गुजर रही इलेक्ट्रिक लाइन से चिपक जाता है। इसी से इंजन को करंट सप्लाय होता है और ट्रेन चलती है। सामान्यतः इसमें कभी-कभार ही खराबी आती है।

ये ट्रेनें हुईं लेट

इंदौर-मक्सी 5 घंटे 30 मिनट

गांधी नगर-इंदौर शांति एक्सप्रेस 50 मिनट

इंदौर-जोधपुर 3 घंटे

इंदौर-हबीबगंज 2 घंटे 15 मिनट

इंदौर-उदयपुर 1 घंटा 45 मिनट

देहरादून-इंदौर 3 घंटे 20 मिनट

जयपुर-इंदौर 3 घंटे 30 मिनट

ग्वालियर-इंदौर 3 घंटे 15 मिनट

उदयपुर-इंदौर 3 घंटे

मुंबई-इंदौर अंवतिका 3 घंटे

पुणे-इंदौर 2 घंटे

इंदौर-रतलाम पेसेंजर 1 घंटा 40 मिनट

उज्जैन-इंदौर शटल 2 घंटे

निजामुद्दीन-इंदौर 1 घंटे