इंदौर, नईदुनिया रिपोर्टर। आज हर कोई अच्छा फिगर पाने की चाहत में डाइटिंग के पीछे भाग रहा है, लेकिन इसके कारण हेयर फॉल बहुत बढ़ रहा है। डाइटिंग करते वक्त लोग प्रोटीन और विटामिन कम लेते हैं जिससे कि बाल झड़ते हैं। बाल डेड सेल्स होते हैं और यह झड़ जाते हैं तो इनकी रीग्रोथ होती है। विटामिन और प्रोटीन की कमी के कारण यह रीग्रोथ नहीं हो पाती है और नतीजा गंजापन होता है। ओमेगा 3 और विटामिन ए भी ज्यादा लेने से बाल झड़ते हैं। यह बात मुंबई से आए विशेषज्ञ डॉ. राजेश राजपूत ने एसोसिएशन ऑफ हेयर रिस्टोरेशन सर्जन्स ऑफ इंडिया की एनुअल कॉन्फ्रेंस हेयरकॉन-2019 में कही। उन्होंने कहा कि यह जरूरी नहीं है कि यदि पिता गंजा है तो बेटा भी गंजा हो।

हेरिडिटी के अलावा पॉल्युशन, खानपान की कमी और ओजोन परत को होता नुकसान भी बाल झड़ने के लिए जिम्मेदार है। इंटरनेशनल सोसाइटी ऑफ हेयर रीस्टोरेशन सर्जरी के बोर्ड ऑफ गवर्नर डॉ. कपिल दुआ ने कहा कि आंवला या बादाम का तेल लगाकर लोग बाल झड़ने से रोकने का प्रयास करते हैं। कोई भी तेल बाल झड़ने से नहीं रोक सकता है और न ही बाल लंबे कर सकता है। आंवला और बादाम सर पर लगाने से ज्यादा खाने में फायदा करते हैं। वहीं शैंपू का काम भी सिर्फ बाल साफ करना है लेकिन गलत तरह की मार्केटिंग कर इससे बाल मोटे होना, झड़ना रूकना जैसे फायदे बताए जाते हैं।

डॉ. दुआ ने कहा कि हमारे देश में पिछले 40 सालों से हेयर ट्रांसप्लांट होता आ रहा है। पहले सर के पिछले हिस्से से बालों की स्ट्रिप निकालकर ट्रांसप्लांट किया जाता था। इसके बाद एफयूई तकनीक आई जिसमें सर के पीछे से या शरीर के किसी और हिस्से से बालों के ग्राफ्ट निकाल कर ट्रांसप्लांट किया जाने लगा। अब इन दोनों के साथ ही माइक्रो पिग्मेंट नामक नई तकनीक रूप ले रही है जिसे आम भाषा में मेडिकल टैटूइंग कहा जाता है। पहली दोनों तकनीक अपनाने के बाद यदि किसी हिस्से पर बाल ठीक से नहीं आ पाते हैं तो उस हिस्से को मेडिकल टैटूइंग से भर दिया जाता है, जिससे बाल घने दिखाई देते हैं। यह बहुत ही फाइन वर्क है जो एक्सपर्ट ही कर सकते हैं।

ऑर्गेनाइजिंग सेक्रेटरी डॉ. अनिल दशोरे ने बताया कॉन्फ्रेंस में सभी डॉक्टर्स ने गैरकानूनी तरीके से हो रहे हेयर ट्रांसप्लांट के विरोध की शपथ भी ली। रोबोटिक्स विशेषज्ञ डॉ. प्रदीप ने कहा कि लोगों को रोबोटिक सर्जरी फैंसी लगती है, लेकिन वास्तविकता में मैनुअल सर्जरी रोबोटिक्स की तुलना में कहीं बेहतर है। रोबोट द्वारा सर्जरी में भी वह ह्यूमन असिस्टेड ही होता है। मैनुअल सर्जरी सस्ती होती है और यह ज्यादा जल्दी की जा सकती है। उन्होंने कहा कि पहले बीयर्ड ट्रांसप्लांट जैसे शब्द शायद ही किसी ने सुने हों लेकिन पिछले दो सालों में जब से बीयर्ड का फैशन में चलन बढ़ा है, बीयर्ड ट्रांसप्लांट कराने आने वालों की संख्या दोगुनी हो गई है।

इन बातों का रखें ध्यान

- किसी भी हेयर केयर ब्रांड के प्रलोभन भरे मार्केटिंग फंडे में न फसें। विशेषज्ञ से सलाह के आधार पर ही ट्रीटमेंट लें।

- आंवला, बादाम को सिर में लगाने के बजाय खाने से फायदा होगा।

- रोबोटिक्स के बजाय मैनुअल हेयर ट्रांसप्लांट को प्राथमिकता दें।

- तोहफे में मिठाई की जगह आंवला, अंजीर, चने और अलसी के हेल्दी पॉवर पैकेट बनाकर दें।

- घर में सब्जियां भी लगाएं और ताजी सब्जियों का सेवन करें।

ट्रंप भी बालों को स्वस्थ रखने के लिए लगाते हैं दवाई

पिछले 12 साल से अधिक समय से हेयर ट्रांसप्लांट कर रहे मुंबई के डॉ. मनोज खन्ना ने बताया कि उन्होंने मशहूर सेलिब्रिटीज के साथ क्रिकेटर अरुण लाल, रोजर बिन्नी, ब्रजेश पटेल, वेन सरकर, इरफान पठान, वीवीएस लक्ष्मण, युसूफ पठान व हर्षा भोगले आदि सहित साढ़े छह हजार से ज्यादा ट्रांसप्लांट किए हैं। 2007 में जब सलमान खान और हर्षा भोगले ने हेयर ट्रांसप्लांट कराया तो यह ट्रेंड में आया। उन्होंने कहा कि ट्रांसप्लांट तक के इंतजार से बेहतर है समय रहते दवाओं का इस्तेमाल शुरू किया जाए। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भी सालों से अपने बालों को स्वस्थ्य रखने के लिए दवाएं ले रहे हैं।