इंदौर। शनि ग्रह गुरुवार शाम 7.40 बजे ढाई साल के लिए वृश्चिक राशि छोड़कर धनु में प्रवेश किया। ज्योतिर्विदों देवेंद्र कुशवाह के मुताबिक तुला की साढ़े साती समाप्त हो गई, जबकि मेष और सिंह राशि को ढय्या से मुक्ति मिली है। मकर की साढ़े साती और वृषभ व कन्या की ढय्या शुरू हो गया है।

- मेष : कार्य क्षेत्र में सफलता।

- वृषभ : व्यापार-व्यवसाय में असफलता की आशंका।

- मिथुन : संतान से परेशानी।

- कर्क : धन-संपदा में वृद्धि।

- सिंह : अविवाहितों का विवाह योग।

- कन्या : प्रतिस्पर्धा में सफलता।

- तुला : धन में वृद्धि।

- वृश्चिक : समय अनुकूल।

- धनु : सफलता के लिए संघर्ष।

- मकर : समय अनुकूल।

- कुंभ : धन-संपदा में बढ़ोतरी।

- मीन : समय अनुकूल।

(ज्योतिर्विद् ओम वशिष्ठ के अनुसार)

मौनी अमावस्या के दौरान 32 साल बाद शनि तथा शुक्र ग्रह राशि परिवर्तन कर रहे हैं। खास बात यह है कि दोनों ही ग्रह बृहस्पति की राशि क्रमश: धनु तथा मीन में प्रवेश करेंगे। यह स्थिति धार्मिक, सामाजिक, राजनीतिक तथा विभिन्न् राशि वाले जातकों के लिए विशेष मानी जा रही है।

ज्योतिषाचार्य पं. अमर डब्बावाला के अनुसार माघ मास के कृष्ण पक्ष की मौनी अमावस्या शुक्रवार के दिन उत्तराषाढ़ा नक्षत्र, वरयान योग तथा मकर राशि के चंद्रमा की साक्षी में आ रही है। धर्मशास्त्र में इस अमावस्या को शुभ माना जाता है।

इस दिन शनि दोपहर 2.28 बजे धनु तथा शुक्र रात 8.30 बजे मीन राशि में प्रवेश करेंगे। देवी पुराण के अनुसार विशिष्ट संयोग के अंतर्गत ग्रहों का राशि परिवर्तन तथा रात में सर्वार्थसिद्धि योग का होना रात्रि सिद्धि के लिए श्रेष्ठ है। इस रात लक्ष्मी प्राप्ति के लिए विशेष साधना की जा सकती है।

अक्षय पुण्य की प्राप्ति के लिए यह करें

अमावस्या पर शिप्रा स्नान के बाद वैदिक ब्राह्मणों को सीधा, साबूदाना, मूंगफली, घी, वनस्पति, दक्षिणा तथा वस्त्र दान करना चाहिए। साधुओं को वस्त्र, धर्मग्रंथ तथा भोजन, रोगियों को औषधि, दूध, बिस्किट तथा भिक्षुकों को भोजन कराना चाहिए। ज्योतिर्विद सीता शर्मा ने बताया गाय को घास, पक्षियों को दाना तथा श्वान को दूध और टोस खिलाने से अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है।