इंदौर, नईदुनिया प्रतिनिधि। शहर के मशहूर खाऊ ठिए '56 दुकान' को देश का दूसरा क्लीन स्ट्रीट फूड हब बनाने की कवायद शुरू हो गई है। बुधवार से इसका जनरल ऑडिट शुरू हो गया। जनवरी के अंत में केंद्र की तरफ से ऑडिट टीम इंदौर आकर दोबारा ऑडिट करेगी। कोई रुकावट नहीं आई तो इसी वित्तीय वर्ष में 56 दुकान को क्लीन स्ट्रीट फूड हब का दर्जा मिल जाएगा। देश में अभी सिर्फ अहमदाबाद के कांकरिया लेक पर बनी चौपाटी को ही यह दर्जा प्राप्त है।

मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी मनीष स्वामी के मुताबिक क्लीन स्ट्रीट फूड हब का दर्जा मिलने के बाद '56 दुकान' की सारी दुकानों के शेफ, कर्मचारी एक जैसी यूनिफॉर्म में नजर आएंगे। यहां मिलने वाली खाद्य वस्तुएं सिर्फ आरओ के पानी में पकेंगी, हर दुकान के बाहर एक जैसे खाद्य सुरक्षा और स्टैंडर्ड की जानकारी देने वाले बोर्ड होंगे। दुकानों के किचन में भी खाद्य सुरक्षा के तमाम नियम लागू होंगे। फिलहाल दुकानदारों और कर्मचारियों की ट्रेनिंग चल रही है। केंद्र की तरफ से आने वाली टीम के ऑडिट के बाद इसकी रिपोर्ट के आधार पर ही 56 दुकान क्लीन स्ट्रीट फूड हब का दर्जा दिया जाएगा।

दर्जा मिला तो यह होगा

- हर दुकानदार के पास खाद्य सुरक्षा एवं स्टैंडर्ड नियमों के तहत रजिस्ट्रेशन होगा। दुकान के बाहर एक जैसे साइन बोर्ड नजर आएंगे जिनमें दुकान का रजिस्ट्रेशन नंबर दिखेगा।

- शेफ और कर्मचारी साफ और धुले हुए कपड़ों में नजर आएंगे। वे दस्ताने पहनकर ही खाना पकाएंगे और परोसेंगे। दुकानों पर ग्राहकों और कर्मचारियों के लिए हैंड वॉश सुविधा भी रखना होगी।

- क्षेत्र में संक्रमण बीमारियों से पीड़ित व्यक्ति की इंट्री नहीं हो सकेगी। ऐसे व्यक्ति जिन्हें छोटी-मोटी चोट लगी है, वे आ तो सकेंगे लेकिन उन्हें घाव की अच्छे से ड्रेसिंग कराना होगी।

- पीने के लिए भी दुकानों पर आरओ का पानी उपलब्ध कराना होगा।

- कर्मचारियों को खाद्य वस्तुएं सर्व करने के लिए चिमटी या चम्मच का इस्तेमाल करना होगा।

- हर दुकान में पेस्ट कंट्रोल अनिवार्य रूप से कराना होगा। क्षेत्र को मच्छर, चूहे, काकरोच से मुक्त बनाया जाएगा

- खाद्य वस्तुएं बनाने और परोसने के लिए सिर्फ स्टेनलेस स्टील के बर्तन ही इस्तेमाल किए जाएंगे।

- दुकानदारों को बचे हुए खाने और जूठी खाद्य वस्तुओं के निपटान का पर्याप्त इंतजाम करना होगा।

- समय-समय पर दुकानदार, कर्मचारियों के लिए ट्रेनिंग सेशन आयोजित होंगे।