इंदौर, नईदुनिया रिपोर्टर। बारिश के सीजन में पर्याप्त धूप नहीं मिलने से कई सीजनल एफेक्टिव डिसऑर्डर (एसएडी) की आशंका बढ़ जाती है। इसमें आलस्य और लो फील होना आम बात है। इसी वजह से कई लोग काम पर फोकस नहीं कर पाते हैं। एसएडी में धूप की कमी से विटामिन डी 3 न मिल पाने से मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द होता है। खासतौर पर बुजुर्गों, आर्थ्राइटिस और ओस्टियोपोरोसिस से पीड़ितों में यह समस्या बढ़ जाती है। विशेषज्ञों का कहना है कि बारिश के इन तीन महीनों में जब भी धूप निकले ज्यादा से ज्यादा समय इसके संपर्क में रहे। इससे न सिर्फ आपको विटामिन डी 3 मिलेगा, बल्कि बारिश में होने वाले इंफेक्शंस भी कम होंगे।

डॉ.विक्रम बलवानी के अनुसार विटामिन डी की समस्या मौसम की वजह से नहीं होती। हां, जिन लोगों में पहले से विटामिन डी की कमी है, उनमें समस्या इस समय बढ़ जाती है।इन लोगों में जोड़ों में दर्द की शिकायत ज्यादा सामने आती है। ऐसा देखा गया है कि जिनका वजन ज्यादा होता है वे भी जोड़ों के दर्द से ज्यादा परेशान रहते हैं, ऐसे में इनको खानपान का सही ध्यान रखने के साथ ही फिजियोथैरेपिस्ट की मदद से खास एक्सरसाइज भी करना चाहिए।

स्टडीज के मुताबिक भारत में 65 से 70 फीसदी लोग विटामिन डी की कमी का सामना कर रहे हैं। जिन लोगों को मस्कुलोस्केलेटन पेन की शिकायत है, उनमें से 93 फीसदी में विटामिन डी की कमी है। जहां विटामिन डी 2 भोज्य पदार्थों में उपलब्ध है, वहीं विटामिन डी 3 सूरज की किरणों से प्राप्त होता है।

भोजन में लें फोर्टिफाइड फूड

हमारे देश में फोर्टिफाइड फूड को लेकर ज्यादा जागरूकता नहीं है। विदेशों में अधिकांश अनाज फोर्टिफाइड होता है, जिसमें एक्टिव विटामिन डी 3 होता है। विटामिन डी 3 की कमी वाले लोग सिर्फ फोर्टिफाइड फूड लें। इसके अलावा ज्यादा से ज्यादा मिक्स अनाज का उपयोग करें।

डॉ. प्रीति सिंह के अनुसार तेज लाइफ स्टाइल की वजह से विटामिन डी की कमी हो रही है। पहले यह सिर्फ अधिक उम्र की महिलाओं में ज्यादा मिलती थी, मगर अब पुरुषों, युवाओं और बच्चों में भी बढ़ रही है। प्रयास करें सुबह जल्दी उठें, जिससे कुछ समय आप धूप में गुजार सकें।

एक्सरसाइज और योग जरूर करें

मांसपेशियों और जोड़ों की अकड़न से बचने के लिए नियमित रूप से एक्सरसाइज करें। योग जरूर करें विशेष रूप से सूर्य नमस्कार और पश्चिमोत्तासन नियमित हो। बस याद रखें ऐसी एक्सरसाइज न करें जिसमें जोड़ों को मोड़ना पड़े। पैरों में दर्द हो तो सिर की जगह पैरों के नीचे तकिया लगाएं, जिससे रक्त प्रवाह सही होगा और तकलीफ कम होगी।