इंदौर/रतलाम। धौंसवास-रतलाम क्यू ट्रैक बनने के 8 माह बाद पहली बार मंगलवार को इंदौर-अजमेर एक्सप्रेस चलाई गई। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये रेलमंत्री सुरेश प्रभु और लोकसभा स्पीकर सुमित्रा महाजन ने ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। ट्रेन 2.15 घंटे में रतलाम पहुंची। प्लेटफॉर्म नंबर 1 पर हुए सादे समारोह में महापौर मालिनी गौड़, अंजू माखीजा, नागेश नामजोशी, जगमोहन वर्मा, डीआरएम मनोज शर्मा मौजूद थे॥ स्पीकर ने कहा कि इस ट्रेन का लंबे समय से इंतजार था।

यह छोटी सी शुरुआत है। अभी कई काम बाकी हैं। अब इंदौर-दाहोद परियोजना को जल्द से जल्द पूरा करना हमारा लक्ष्य है। पहले दिन ट्रेन को स्पेशल के रूप में चलाया गया। हालांकि संबोधन शुरू होने से पहले अचानक 20 मिनट के लिए लिंक फेल हो गई। डीआरएम शर्मा ने बताया कि क्यू ट्रैक शुरू होने से रतलाम-अजमेर ट्रेन का इंदौर तक बढ़ाया गया है। अन्य ट्रेनों का भी विस्तार किया जाएगा। इस योजना पर काम कर रहे हैं। जल्द ही इंदौर-अजमेर ट्रेन का समय बदला जाएगा। अभी ट्रेन का समय काफी जल्दी का है।

आधा घंटा देर से चली

5.7 किमी का क्यू ट्रैक अगस्त में तैयार हो गया था। तब से लक्ष्मीबाई नगर तक मालगाड़ी का परिचालन किया जा रहा है। ट्रेन दोपहर में निर्धारित समय दोपहर 3 के बजाय 3.36 बजे चली। ट्रेन शाम 5.48 बजे रतलाम पहुंची और 5.57 बजे रवाना हुए। इससे पहले ट्रेन लक्ष्मीबाई नगर, फतेहाबाद और बड़नगर स्टेशनों पर भी ठहरी। 17 कोच की ट्रेन में तीन एसी, दो जनरल और शेष स्लीपर कोच थे।

यह होगा फायदा

- राजस्थान की ओर जाने वाले इंदौर के यात्रियों का समय बचेगा।

- भविष्य में फतेहाबाद-रतलाम होते हुए जोधपुर, जयपुर, दिल्ली के लिए नई ट्रेनें मिलेंगी।

- खंडवा लाइन बड़ी होने के बाद मुंबई और दक्षिण भारत के लिए नया रास्ता बनेगा।

- भीलवाड़ा-इंदौर के बीच सीधे डेमू ट्रेन भी चलाई जा सकेगी।