इंदौर। इस बार 12 फरवरी को वसंत पंचमी पर त्रिवेणी संयोग बनेगा। सर्वार्थ सिद्धि, अमृत सिद्धि और साध्य योग के संयोग में सरस्वती पूजन होगा। अबूझ मुहूर्त में से एक वसंत पंचमी पर विवाह भी होंगे।

ज्योतिर्विदें के अनुसार 12 फरवरी को सुबह 9.17 से 13 फरवरी को सुबह 6.40 बजे तक पंचमी तिथि रहेगी। 12 व 13 को किसी भी दिन पंचमी तिथि सूर्योदय को स्पर्श नहीं कर रही है। पं. ओम वशिष्ठ के अनुसार इसके चलते चतुर्थी के साथ वाली पंचमी के दिन 12 फरवरी को वसंत पंचमी मानना शास्त्र सम्मत होगा।

हालांकि कुछ पंचागों में 13 फरवरी को भी वसंत पंचमी बताई गई है। ज्योतिर्विद् देवेंद्र कुशवाह के अनुसार शिक्षा प्रांरभ करने के लिए यह दिन श्रेष्ठ है। सरस्वती माता की प्रसन्नाता के लिए पीले फूल चढ़ाना चाहिए।