इंदौर। शनि वक्री होकर चार महीने के लिए 21 जून को धनु से वृश्चिक राशि में प्रवेश करेगा। हालांकि प्रवेश की तारीख को लेकर पंचांगों में संशय है। कुछ पंचांग में 23 जून को भी शनि का राशि परिवर्तन बता रहे हैं। चार महीने वृश्चिक राशि में रहने के बाद शनि दोबारा वापस 25 अक्टूबर को धनु राशि में लौट जाएगा। ज्योतिर्विदों के मुताबिक शनि का यह राशि परिवर्तन अलग-अलग राशि के जातकों पर सकारात्मक, नकारात्मक व समान्य प्रभाव डालेगा।

पं. ओम वशिष्ठ के अनुसार शनि ग्रह सबसे बलवान माना गया है। यह वक्री होकर 21 जून को सुबह 4.49 पर वृश्चिक राशि में प्रवेश करेगा। ज्योतिर्विद् देवेंद्र कुशवाह के मुताबिक कुंडली में शनि जिस घर पर होता है, वहां अच्छा फल देता है, लेकिन जहां दृष्टि होती है, उन घरों के फल को बिगाड़ता है। चार माह का समय मेष, वृश्चिक और सिंह राशि के जातकों के लिए कष्टदायक, जबकि मिथुन, कर्क, कुंभ के लिए लाभदायक होने के संकेत दे रहा है।

जानिये आपकी राशि पर क्या होगा असर

मेष : सेहत के साथ पारिवारिक संबंधों पर ध्यान देने की जरूरत।

वृषभ : कार्य क्षेत्र में वातावरण सुखद रहेगा, लेकिन कोई बड़े फायदे की स्थिति भी नहीं बनेगी।

मिथुन : रोजगार और व्यवसाय में उन्नति की संभावना बनेगी।

कर्क : विरोधी में आपका दबदबा बनेगा। वे दूर रहेंगे।

सिंह : वरिष्ठों के साथ तालमेल बैठाकर उन्नति प्राप्त कर सकते हैं, लेकिन खर्च की अधिकता परेशान करेगी।

कन्या : नौकरी में बड़े प्रमोशन और व्यवसाय में लाभ की स्थिति बनेगी।

तुला : समय अनुकूल है। उन्नति के अवसर मिलेंगे।

वृश्चिक : बड़े फायदे नहीं, लेकिन थोड़े-बहुत विकास के अवसर मिलेंगे।

धनु : इस राशि में शनि ग्रह का गोचर होने से जातकों को शुभ और अशुभ दोनों प्रभाव मिलेंगे।

मकर : नौकरी-व्यवसाय के चलते परिवार से दूर जाने के योग बन सकते हैं।

कुंभ : नौकरी में प्रमोशन मिल सकता है। नया व्यापार शुरू करने के लिए अच्छा समय है।

मीन : लंबे समय से चल रहा तनाव दूर होगा। घर परिवार में सुखद स्थिति बनेगी।