महू, इंदौर। क्षेत्र के लोगों के लिए सोमवार का दिन बेहद खास रहा, जब इंदौर-महू के बीच बीते 15 महीनों से बंद रेल फिर चली। हालांकि ये केवल परीक्षण था, लेकिन अब तय है कि यहां जल्दी ही रेल फिर दौड़ेगी। कमिश्नर ऑफ रेलवे सेफ्टी की मौजूदगी में रेल करीब 120 किमी की रफ्तार से दौड़ी और महज 20 मिनट में इंदौर पहुंच गई। परीक्षण के दौरान सभी आंकड़े रिकार्ड किए जाते रहे, जिनका आकलन करने के बाद 15 दिनों के अंदर एक आखिरी रिपोर्ट आएगी।

रविवार को पूजन के बाद सोमवार के परीक्षण के लिए सुबह से ही तैयारियां तेज रहीं। स्टेशन और पटरियों पर अधिकारी हर छोटी-बड़ी खामी पर नजर रखे हुए थे। तय समय शाम 4 बजे रेल परीक्षण होना था, जो करीब डेढ़ घंटे पिछड़ गया और शाम 5.21 पर शुरू हो सका। पहले जहां रेल को इंदौर से महू भेजा जा रहा था, वहीं बाद में कार्यक्रम में बदलाव कर इसे महू से इंदौर भेजा गया। प्लेटफार्म और रेल की पूरी तस्दीक के बाद सीआरएस सुशील चंद्रा और डीआरएम रतलाम मनोज श्रीवास्तव सहित अनेक विभागों के अधिकारी कर्मचारी महू से रेल में सवार हुए।

एहतियात बरते

रेल जहां 120 की रफ्तार से निकलने को थी, वहीं सबसे बड़ी चिंता बीच रास्ते की थी, जिसके लिए करीब 70 कर्मचारी तैनात रहे जो यह सुनिश्चित करने में लगे थे कि परीक्षण के दौरान पटरियों के आसपास कोई न हो। महू स्टेशन से आउटर तक रेल की गति 60 से 70 किमी प्रतिघंटे रखी गई। इसके बाद इसकी गति तेज हुई जो इंदौर से कुछ दूरी तक 120 तक पहुंचाई गई।

अमूमन भारतीय रेल कम ही इस रफ्तार पर होती है और महू-इंदौर के बीच यह नजारा पहली बार घट रहा था जिसे बड़ी संख्या में लोग सुरक्षित दूरी से इसे देख रहे थे। इसकी अंतिम रिपोर्ट दो सप्ताह बाद रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों को दी जाएगी। इसके बाद ही निर्णय लिया जाएगा। परीक्षण के दौरान रेल के रास्ते में एक सूअर आ गया जिससे उसकी मौत हो गई।

अप्रैल में होगा रेल यातायात आरंभ

परीक्षण के बाद तय है कि यह यातायात अप्रैल माह में ही आरंभ होगा, जबकि दो बार इसका समय बढ़ाया गया तथा अंतिम बार 31 मार्च तक यह सुविधा आरंभ करने की घोषणा की गई थी। पत्रकारों से चर्चा करते हुए डीआरएम रतलाम मनोज शर्मा ने कहा कि अभी इस ट्रैक पर गति की जांच की जा रही है। रिपोर्ट आने के बाद ही समय सारणी बनाई जाएगी। इसमें समय लगेगा।