इंदौर । भय्यू महाराज ने जिन्हें अपने आश्रम परिवार के देखरेख की जिमेदारी दी है वे 42 वर्षीय विनायक दुधले पिछले 16 साल से भय्यू महाराज के साथ हैं। भय्यू महाराज से जुड़ने से पहले वह इंदौर नगर निगम में पानी का टैंकर चलाते थे। उनके दो बच्चे हैं। बीकॉम तक शिक्षित विनायक का सुखलिया स्थित लवकुश विहार में मकान है। विनायक सुकरिया जिला अहमदनगर (महाराष्ट्र) के रहने वाले हैं। वहां उनकी कृषि भूमि भी है। विनायक भय्यू महाराज के घर के बिजली के बिल, ड्राइवर का वेतन देने के साथ वीआईपी से मेलजोल का लेखा-जोखा भी रखते थे।

आश्रम कहे तो लूंगा जिम्मा -

भय्यू महाराज जो भी फैसला लेते थे, उसे सभी स्वीकार करते थे। तीन दिन बाद एक बैठक रखी है। इसमें सामूहिक रूप से निर्णय लिया जाएगा। सबके निर्णय के बाद जिम्मेदारी दी जाती है तो उसे पूरी तन्मयता से निभाऊंगा। -विनायक दुधले, सेवादार

संपत्ति को लेकर बढ़ेंगे विवाद -

विनायक के नाम पर लिखे नोट को वसीयत नहीं माना जा सकता। कोई भी पॉवर सिर्फ जीवन पर्यंत ही इस्तेमाल हो सकता है। पॉवर देने वाले की मौत के बाद उसका कोई महत्व नहीं होता। ऐसी स्थिति में महाराज की संपत्ति को लेकर विवाद बढ़ेगा। -केपी माहेश्वरी, एडवोकेट