इंदौर। मध्यप्रदेश में सिगरेट, तंबाकू और शराब के मामले में ग्रामीण महिलाएं, शहरी महिलाओं से आगे हैं। जहां महज 6.5 फीसदी शहरी महिलाएं तंबाकू का सेवन करती हैं, वहीं ग्रामीण महिलाओं में यह आंकड़ा 12.1 फीसदी है। नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे की ताजा रिपोर्ट में यह खुलासा हुआ है। पढ़ें रिपोर्ट से जुड़ी खास बातें और देखें इंटरेक्टिव चार्ट -

शहरी महिलाएं छोड़ रहीं बुराइयां

शराब सेवन को लेकर रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि जहां महज 0.6 फीसदी शहरी महिलाएं ही अल्कोहल लेती हैं, वहीं ग्रामीण महिलाओं में यह आंकड़ा 2.1 फीसदी है। मध्यप्रदेश की कुल आबादी की 10.4 फीसदी महिलाएं किसी न किसी रूप में तंबाकू खाती हैं।

पिछले 12 महीनों में शराब या सिगरेट छोड़ने की कोशिश करने वालों में शहरी महिलाएं आगे हैं। ऐसी शहरी महिलाओं की संख्या जहां 45.6 फीसदी है, वहीं गांवों में यह आंकड़ा 36.9 फीसदी है। जाहिरतौर पर नशे से मुक्ति के लिए गांवों में और अभियान चलाने की जरूरत है।

10 में से 6 पुरुषों में सिगरेट/तंबाकू की लत

प्रदेश के ग्रामीण और शहरी पुरुषों में तंबाकू के नशे की लत का ट्रेंड भी ऐसा ही है। जहां 53.1 फीसदी शहरी पुरुष तंबाकू खाते हैं, वहीं गांवों में यह आंकड़ा 62.4 फीसदी है। शहरों में जहां शराब पीने वाले पुरुष 28.3 फीसदी हैं, वहीं ग्रामीण पुरुषों की संख्या 30.3 फीसदी है। कुल मिलाकर मध्यप्रदेश के 29.6 फीसदी पुरुष शराब पीते हैं।

खास बात यह है कि पिछले 12 महीनों में नशा छोड़ने की कोशिश करने वालों में ग्रामीण पुरुष ज्यादा हैं। शहरों में जहां यह आंकड़ा 36.6% है, वहीं ग्रामीणों में 37.5% रहा।

देश में 29 फीसदी पुरुष रोज पीते हैं शराब

रिपोर्ट में बताया गया है कि देश के 29 फीसदी पुरुष रोज शराब पीते हैं। वहीं ऐसा करने वाली महिलाओं की संख्या महज 1 फीसदी है। इन एक फीसदी में भी 18 फीसदी महिलाएं ऐसी हैं जो रोज शराब लेती हैं। हालांकि ऐसा करने वाली महिलाओं में आदिवासी ज्यादा हैं। अरुणाचल प्रदेश में सबसे ज्यादा 59 फीसदी पुरुष शराब पीते हैं।