इंदौर, नईदुनिया प्रतिनिधि। कांग्रेस पार्षद अभय वर्मा व ट्रैफिक पुलिस में सूबेदार सोनू वाजपेयी के बीच रविवार को हुए विवाद के बाद सूबेदार ने वर्मा को सीधे चुनौती दी है। उन्होंने कहा है कि अगर पार्षद रिश्वत मांगने का आरोप सिद्ध कर देंगे तो मैं नौकरी से इस्तीफा दे दूंगी। सोमवार को यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। इसमें उन्होंने खुद व आरक्षक पर लगे आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। रविवार को राजीव गांधी चौराहे पर फोन पर बात करते देख पार्षद की गाड़ी आरक्षक विजय चौहान ने रोक ली थी। इसके बाद पार्षद, आरक्षक व महिला सूबेदार के बीच तीखी बहस हुई। पार्षद घर लौट गए। करीब एक घंटे बाद समर्थकों के साथ वापस लौटने पर सभी ने सूबेदार को ट्रांसफर की धमकी दी। कई लोगों ने वीडियो बना सोशल साइट्स पर वायरल कर दिया।

सोमवार को सोशल मीडिया पर एक अन्य वायरल हुए वीडियो में सूबेदार कह रही हैं कि मीडिया रिपोर्ट से उन्हें पता चला कि पार्षद ने उन पर 1000 रुपए रिश्वत मांगने का आरोप लगाया है। अगर रुपए मांगे थे तो वे पहले आरक्षक से माफी मांगकर क्यों चले गए थे। आरक्षक पर भी आरोप लगा है कि पैसे मांगने के बाद उसने अपनी नेम प्लेट निकाल ली थी। सूबेदार के मुताबिक घटना को लेकर कई वीडियो वायरल हुए हैं। सभी में सच दिखाई दे रहा है।

कांग्रेसियों ने संगठन से की शिकायत

कांग्रेस पार्षद वर्मा व सूबेदार सोनू वाजपेयी के विवाद के दूसरे दिन सोमवार को सोशल मीडिया पर वायरल हुए सूबेदार के बयान से कांग्रेसी नाराज हो गए। उन्होंने संगठन पदाधिकारियों से शिकायत की कि पुलिस वाले कांग्रेस नेताओं की छवि जनता में खराब करने के लिए विवादों को तूल दे रहे हैं। संगठन को कार्रवाई कराना चाहिए। संगठन के पदाधिकारी सोचसमझकर कदम बढ़ाते हुए दिख रहे हैं। शहर के कार्यकर्ताओं ने सोमवार को मामले में शहर कांग्रेस अध्यक्ष विनय बाकलीवाल व शहर से जुड़े अलग-अलग मंत्रियों तक भी शिकायत पहुंचाई। कार्यकर्ताओं ने संगठन पदाधिकारियों से कहा कि विवाद के दौरान वरिष्ठ नेताओं के कहने पर पार्षद वर्मा ने सूबेदार से माफी मांग मामला खत्म भी कर दिया था। इसके बाद सूबेदार ने अन्य कार्यकर्ताओं से बदतमीजी कर मामले को बढ़ाया। सोमवार को फिर उन्होंने चुनौती देता वीडियो वायरल करवाकर संगठन को नीचा दिखाने की कोशिश की है।

सूबेदार के पक्ष में फरार भाजपा नेता एसएसपी को ज्ञापन देने पहुंचा

आचार संहिता के उल्लंघन में फरार भाजपा नेता सोमवार दोपहर एसएसपी को ज्ञापन देने पहुंच गया। कार्यकर्ताओं के साथ एसएसपी से मिला और कक्ष में बैठकर महिला सूबेदार के पक्ष में अपनी बात रखी। फरार होने की जानकारी लगते ही एसएसपी ने सराफा व एमजी रोड टीआई को फटकार लगाई। इसके बाद एमजी रोड व छोटी ग्वालटोली टीआई बल से साथ नेता को गिरफ्तार करने कंट्रोल रूम पहुंच गए। पुलिसकर्मी उसे घंटों यहां-वहां तलाशते रहे लेकिन नेता निकल गया। इससे यह तो साबित हो गया है कि फरार आरोपित की जानकारी बड़े अधिकारियों तक नहीं पहुंचाई गई थी। घटना ने पुलिस विभाग के इंटेलिजेंस विंग पर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं। भाजयुमो कार्यालय मंत्री ऋषि खनूजा अपने दो दर्जन कार्यकर्ताओं के साथ दोपहर करीब 2 बजे एसएसपी रुचिवर्धन मिश्र से मिलने पहुंचा था। उसने मंत्री सज्जनसिंह वर्मा के भतीजे अभय वर्मा के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

अच्छे व्यवहार की नसीहत

रविवार दोपहर पार्षद अभय वर्मा व महिला सूबेदार विवाद मामले में एसएसपी का कहना है कि अब तक दोनों पक्षों ने कोई लिखित शिकायत नहीं की है। रविवार को घटना के बाद कांग्रेस नेता मिलने आए थे। उन्होंने अपना पक्ष रखा लेकिन कोई शिकायत नहीं की। महिला सूबेदार ने भी कोई शिकायत नहीं की। एसएसपी का कहना है कि चेकिंग में इस तरह का विवाद हो जाता है। पुलिसकर्मियों को हिदायत दी गई है कि वे आम लोगों के साथ अच्छा व्यवहार करें।