इटारसी। रविवार शाम तवानगर रोड पर मंदिर के पास जंगल में बछड़े का शिकार करने वाले बाघ ने दूसरे दिन भी अपनी लोकेशन नहीं बदली। शिकार के बाद भी वह उसी एरिए में लगातार घूम रहा है। सोमवार को भी वनकर्मियों ने बाघ को जंगल में नाले के करीब बैठा हुआ देखा। एहतियात के तौर पर पूरे इलाके में सर्चिंग के लिए चार वनकर्मियों एवं दो डिप्टी रेंजरों का पाइंट लगाया गया है। यह टीम बाघ के मूवमेंट पर नजर रखेगी, साथ ही तवानगर आने-जाने वाले सैलानियों एवं उत्साही ग्रामीणों को अलर्ट करेगी कि संवेदनशील इलाके में न रोड पर रूकें न ही जंगल के अंदर प्रवेश करें।

रविवार को दर्जनों लोगों ने बाघ को देर शाम शिकार करते हुए देखा था। सूचना पर देर रात वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची थी, सुबह वन परिक्षेत्राधिकारी लखनलाल यादव ने भी घटनास्थल का निरीक्षण किया और आला अधिकारियों को बताया कि यहां वाकई बाघ की लोकेशन है।

यादव ने बताया कि बाघ लंबे समय से जंगल में विचरण कर रहा है, अभी भी रोड से करीब 500 मीटर अंदर जंगल में उसके होने की सूचना है। इसे देखते हुए लोगों को अलर्ट किया गया है कि वह जंगल में प्रवेश न करें।

टीम ने रोड किनारे बाघ के फुटप्रिंट और मृत बछड़े के अवशेष तलाशने की कोशिश की, लेकिन जंगल में सुरक्षा कारणों की वजह से टीम अंदर नहीं जा रही है। अधिकारियों की मानें तो बाघ को तवानगर के जंगल की आवोहवा जम रही है, आसानी से शिकार और पानी की उपलब्धता होने के कारण वह यहां मूव्हमेंट कर रहा है।

सैलानियों को अलर्ट

इधर तवा बांध घूमने आने वाले सैलानियों एवं उत्साही युवकों द्वारा बाघ को देखने की नियत से अंदर जंगल में घुसने की सूचना की वजह से वन विभाग परेशान है, आशंका है कि वह किसी भी व्यक्ति को नुकसान पहुंचा सकता है।