इटारसी। वन विभाग की कृषि वानिकी से कृषि समृद्धि योजना में खेतों की मेढ़ पर पौधे लगाकर उन्हें जीवनदान देने वाले किसानों को सरकार पैसे भी देगी। योजना 2 जुलाई से पूरे प्रदेश में लागू हो रही है, इसके लिए वन विभाग के अधिकारी गांव-गांव जाकर ग्रामीणों को योजना एवं पर्यावरण संरक्षण का महत्व बता रहे हैं।

योजना का प्रचार-प्रसार करने के लिए इन दिनों वन विभाग के अधिकारी गांवों में चौपाल लगा रहे हैं। मानसून की आमद होने के साथ ही वृहद स्तर पर हर रेंज में अभियान शुरू करने की तैयारी है।

ऐसे मिलेगा लाभ

अधिकारियों ने बताया कि कृषि समृद्धि योजना के तहत फॉरेस्ट रेंज के सभी गांवों के किसानों और ग्रामीणों को खेतों की मेढ़ पर पौधे लगाने के लिए निशुल्क बांटे जाएंगे। इस साल पौधे लगाने के बाद अगले साल विभाग के अधिकारी खेतों में जाकर पौधों का सत्यापन करेंगे, पहले साल जितने पौधे जीवित मिलेंगे उसमें प्रति पौधा 15 रुपए का मानदेय किसानों को मिलेगा, मान लीजिए किसी किसान के खेत पर 100 पौधे जीवित पाए गए तो उसे 1500 रुपए मिलेंगे।

दूसरे साल भी इसी तर्ज पर निरीक्षण होगा और इसमें 10 रुपए प्रति पौधे की सुरक्षा का पैसा दिया जाएगा। दो साल में पौधे इतने पनप जाएंगे कि उनके वृक्ष बनने की संभावना बढ़ जाएगी। अभियान को लेकर सभी जिलों में रेंज ऑफिसर, वनपाल, वनरक्षकों ने आदिवासी अंचलों में ग्रामीणों की बैठकें लेना शुरू कर दिया है।

इटारसी रेंज के गांव गोलनडोह, पारछा, टांगना, मलोथर, मातापुरा में शनिवार रात 12 बजे तक अफसरों ने किसानों की चौपाल लगाकर उन्हें अधिकतम पौधरोपण करने के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि इससे जहां पर्यावरण और खेतों का संरक्षण होगा, वहीं पौधों की सुरक्षा के एवज में किसानों को पैसा भी मिलेगा। इसके बदले में किसानों को सिर्फ मेढ़ पर गड्डे खोदकर पौधरोपण करना होगा।

हर साल करोड़ों खर्च पौधे गायबः

गौरतलब है कि प्रदेश सरकार हर साल हरित प्रदेश के नाम पर पर्यावरण संरक्षण हेतु नगरीय निकाय, ग्राम पंचायत स्तर पर पौधरोपण अभियान चलाकर करोड़ों रुपए के कीमती पौधे निशुल्क वितरित करती है, अभियान में सरकारी मशीनरी भी हिस्सा लेकर पौधे लगाती है, लेकिन निगरानी के अभाव में थोड़े दिनों बाद पौधे या तो सूख जाते हैं या फिर उन्हें मवेशी चट कर जाते हैं, इस तरह पौधरोपण के दिखावे पर पैसा बर्बाद किया जाता है।

फायदा होगा

पौधे लगाने से किसानों को दोहरा लाभ होगा। पहले साल में पौधे सुरक्षित मिलने पर 15 रुपए मिलेंगे, दूसरे साल में यह राशि 10 रुपए रहेगी। इससे किसानों को उनकी मेहनत का लाभ और पौधरोपण दोनों का फायदा होगा। 2 जुलाई से पौधे वितरण का अभियान शुरू कराया जा रहा है, हम सभी गांवों में जाकर लोगों को जागरूक कर रहे हैं।