जबलपुर। जय किसान ऋण माफी योजना में अब बैंक वाले कर्जदार किसानों के खातों का वेरिफिकेशन कर रहे हैं। पिछले तीन चार दिनों के भीतर ही 2 हजार किसानों के बैंक खातों की जांच कर ली गई। इन सभी किसानों का 59 करोड़ का क्लेम भी तैयार हो चुका है। पहले चरण में बैंक प्रबंधन आधार नंबर जमा कर चुके यानी हरे रंग के फार्म वाले किसानों का क्लेम बना रहे हैं। इसके बाद जिनके आधार नंबर नहीं हैं, उनके खातों की जांच होगी। इस योजना में कर्ज माफी की राशि का भुगतान किसान के बैंक खाता नंबर पर नहीं किया जाना है बल्कि उसके आधार नंबर को ट्रेस कर राशि का भुगतान होगा। इसलिए सभी किसानों के फार्म में आधार नंबर दर्ज करना अनिवार्य किया गया है।

आधार नंबर लेने की समस्या

अभी तक सहकारी बैंक वाले जितने फार्म जमा करा चुके हैं, उनमें से 2 हजार किसानों के पास ही आधार नंबर था। अधिकांश किसानों ने आधार नंबर अपने बैंक खाता से लिंक नहीं किया। अब कर्जमाफी के कारण उन्हें यह लिंक कराना पड़ रहा है। खास बात यह है कि हजारों किसानों ने आज तक आधार कार्ड ही नहीं बनवाया था। इसलिए शासन ने आधार कार्ड बनाने के दौरान मिलने वाली पावती का एनरोलमेंट नंबर ही फार्म में भरने के निर्देश जारी किए। हालांकि इन किसानों को आने वाले दिनों में आधार नंबर मिल जाने पर उसे लिंक कराना होगा।

शिकायतों की जांच करें

कलेक्टर छवि भारद्वाज ने किसानों से प्राप्त शिकायतों का निराकरण इसी हफ्ते करने के निर्देश दिए हैं। अलग-अलग तरह की शिकायत जिला प्रशासन तक पहुंची है। जिनमें कर्जदार किसानों का गलत ब्यौरा दर्ज कर लिया जाना। किसी छोटी गलती पर फार्म को नए सिरे से भराया जाना। ऐसी तमाम समस्याओं का समाधान सहकारी बैंक व संबंधित विभाग करेंगे।

वर्तमान में बैंक प्रबंधन अपने-अपने कर्जदार किसानों के खातों का वेरिफिकेशन कर रहे हैं। वेरिफिकेशन वाले किसानों में जिनके पास आधार नंबर दर्ज था, उनके क्लेम भी तैयार किए जा रहे हैं। -एसके निगम, उप संचालक कृषि