जबलपुर। सामान्य कद-काठी का संभ्रात सा दिखने वाला 75 वर्षीय बुजुर्ग किसी से ठगी कर सकता है यह सुनकर एकबारगी यकीन करना मुश्किल है। लेकिन ऐसा ही एक मामला डीआरएम कार्यालय में सामने आया। मंडल रेल प्रबंधक (डीआरएम) कार्यालय में सोमवार की दोपहर 12.30 बजे इस बुजुर्ग ने रेलवे में नौकरी दिलाने का झांसा देकर 3 युवकों से 14 हजार रुपए लिए और दूसरे गेट से फरार हो गया। ठगी के शिकार युवक काफी देर तक बुजुर्ग के लौटने का इंतजार करते रहे, लेकिन जब वह नहीं लौटा तो पूरा माजरा समझ गए। युवकों की शिकायत पर आरपीएफ ने आरोपित जाहिद खान (75) निवासी ग्राम भकरी, ऊंचाहार (उप्र) वर्तमान में सदर बूचड़ी, कैंट को गिरफ्तार कर युवकों से ठगी गई रकम बरामद कर ली है।

15 साल में 300 से ज्यादा युवाओं को ठगा

आरपीएफ के एएसआई आईएन बघेल ने बताया कि जाहिद ने पूछताछ में डीआरएम बिल्डिंग के आस-पास घूमते हुए 15 साल में 300 से ज्यादा युवाओं से ठगी करने की बात कबूल की है। आरोपित जाहिद नौकरी की तलाश में डीआरएम कार्यालय तक आए युवाओं से 15-20 हजार रुपए मांगता था। यह छोटी राशि देने से पहले युवा मोलभाव भी करते। इस दौरान जाहिद एक युवक को 5-6 हजार रुपए पहले और बाकी राशि बाद में देना तय करता रहा। सरकारी नौकरी के झांसे में फंसे युवकों से रुपए लेकर जाहिद डीआरएम कार्यालय के एक गेट से अंदर जाता और पीछे के गेट से भाग निकलता।

यह रहा घटनाक्रम

दोपहर 12.30 बजे खाकी वर्दी पहने जाहिद ने छोटी खेरमाई बागड़ा दफाई ग्वारीघाट निवासी घनश्याम पटेल (26), शुभम पटेल (26) और कमलेश पटेल निवासी सरकारी स्कूल के पास तेजगढ़ दमोह से डीआरएम कार्यालय की कैंटीन के पास 14 हजार रुपए लिए। यह राशि मिलते ही जाहिद ने दो युवकों को वहीं खड़े रहने के लिए कहा और एक युवक को साथ लेकर डीआरएम कार्यालय के अंदर गया और गायब हो गया।

खोजते रह गए युवक

डीआरएम कैंटीन के पास खड़े शुभम और कमलेश आरोपित बुजुर्ग जाहिद के लौटकर आने के इंतजार में खड़े थे। तभी घनश्याम वहां आया और बुजुर्ग जाहिद के गायब होने की खबर दी। जिस पर तीनों युवकों ने जाहिद को डीआरएम कार्यालय में खोजना शुरू कर दिया। तभी आरपीएफ की टीम वहां पहुंच गई।

आरपीएफ ने पकड़ा

एसआई सुनील कुमार मिश्रा, भोला प्रसाद मेहरा, एएसआई आएन बघेल, हेड कांस्टेबल रामसेवक झारिया, मनीष कुमार तिवारी, संजय प्रताप सिंह ने युवकों से घटना की चर्चा की और वह डीआरएम कार्यालय की भीड़ में खाकी वर्दी वाले ठग को खोजने में जुट गए। दोपहर 1.30 बजे आरपीएफ ने जाहिद खान को पकड़कर उसके कब्जे से नकद रुपए बरामद कर लिए।

रसल चौक में हुई थी मुलाकात

पीड़ित कमलेश ने आरपीएफ को बताया कि 5 दिन पहले रसल चौक में जाहिद से मुलाकात हुई थी। तभी उसने 16 हजार रुपए देने पर रेलवे में नौकरी लगवाने का लालच दिया था। इसलिए उसने अपने दो सालों सहित नौकरी पाने के लिए जाहिद को नकद रुपए दिए। आरपीएफ ने आरोपित जाहिद खान को 14 हजार रुपए सहित सिविल लाइंस पुलिस को सौंप दिया है। युवकों की रिपोर्ट पर पुलिस अब धोखाधड़ी का मामला दर्ज करजाहिद के खिलाफ कार्रवाई करेगी।