जबलपुर। गन कैरिज फैक्ट्री (जीसीएफ) में स्वदेशी तकनीक से बनी 'धनुष' तोप की पहली खेप आर्मी कैंप देवलाली के लिए रवाना कर दीं। अब सैन्य प्रशासन इन सभी 4 धनुष तोप (155एमएम / 45 कैलिबर गन) का उपयोग करने के साथ उनका रखरखाव भी करेगा। जीसीएफ में उन्नत धनुष को 24 से 31 जनवरी तक सैन्य बेड़े में शामिल किए जाने की घोषणा होने की उम्मीद जताई जा रही है।

जीसीएफ में अब तक कुल 10 धनुष तोप बनाई गईं हैं। इनमें पहले 6 प्रोटोटाइप और बाद में 4 तोप बनाई गईं। जीसीएफ प्रशासन ने सेना के निर्देश पर चारों नवनिर्मित तोपें यहां से अलग-अलग ट्रालों में लादकर महाराष्ट्र प्रांत के नासिक जिले में स्थित देवलाली आर्मी कैम्प के लिए भेज दी हैं।

धनुष तोप की यह विशेषता

-अत्याधुनिक कंम्प्यूटरीकृत संचालन सुविधा से लैस।

-जमीन से जमीन और आकाश तक में 38 किमी तक लक्ष्य साध सकती है।

-हल्का होने से दलदली, घाटी, रेतीले क्षेत्र तक लाना-ले जाना आसान।

-सभी मौसम में मारक क्षमता पर असर नहीं होता।