जबलपुर। चिकित्सा से जुड़े शिक्षक गंभीरता से समाज की सेवा करें और अच्छे डॉक्टर बनाएं ताकि समाज की सेवा हो सके। यह बात राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने मेडिकल यूनिवर्सिटी के प्रशासनिक भवन के शिलान्यास के मौके पर कही। वहीं, मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि जापान, चीन अपनी भाषा में जब काम कर सकते हैं तो हम हिन्दी में क्यों नहीं पढ़ सकते। उन्होंने कहा कि कुलपति ने मेडिकल यूनिवर्सिटी की परीक्षा में हिन्दी का विकल्प दिया है। यह स्वागत योग्य है। कार्यक्रम में मेडिकल यूनिवर्सिटी के कुलपति डॉ. आरएस शर्मा ने यूनिवर्सिटी के बारे में अतिथियों को बताया।

10 मिनट में बताया छात्राएं और बच्चों के स्वास्थ्य पर दें ध्यान

-राज्यपाल ने अपने 10 मिनट 15 सेकंड के भाषण में बता दिया कि उनकी प्राथमिकता छोटे बच्चे और छात्राओं का बेहतर स्वास्थ्य है। राज्यपाल ने प्राइमरी स्कूल से ही बच्चों के स्वास्थ्य पर ध्यान देने को कहा। उन्होंने कहा कि छात्रों का प्राइमरी स्कूल, आंगनबाड़ी में ब्लड टेस्ट हो, दंत परीक्षण हो ताकि पायरिया की जांच हो सके, नेत्र परीक्षण भी होना चाहिए।

-राज्यपाल ने कहा कि कॉलेजों में जब छात्राएं पहुंचती हैं तो उनका हीमोग्लोबिन व अन्य स्वास्थ्य परीक्षण होना चाहिए। यह पूरे प्रदेश के कॉलेजों में होना चाहिए। इसके लिए मेडिकल यूनिवर्सिटी को यह कार्य सौंपा है। मेडिकल यूनिवर्सिटी के 15 हजार छात्राओं का परीक्षण करने पर यह पता चला है कि 15 प्रतिशत छात्राओं में हीमोग्लोबिन की कमी है।

-गर्भवतियों को बेहतर पोषण आहार देने व जांच की व्यवस्था करने के लिए केन्द्र सरकार की उस योजना की तारीफ राज्यपाल ने की जिसमें उन्हें 16 हजार रुपए दिया जाता है। इसमें केन्द्र सरकार और राज्य सरकार के सहयोग से यह राशि दी जाती है।

डॉक्टर इंपोर्ट नहीं हो सकते, इसलिए हम मेडिकल कॉलेज खोल रहे

-मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में डॉक्टरों की कमी है, लेकिन उन्हें हम इंपोर्ट नहीं कर सकते। इसलिए हम नए मेडिकल कॉलेज खोल रहे हैं। प्रदेश में नए मेडिकल कॉलेज खुलने से 15 सरकारी मेडिकल कॉलेज हो जाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी मेडिकल कॉलेज व अन्य विधाओं के कॉलेजों के मेडिकल यूनिवर्सिटी से संबद्धता होने पर कोर्स में एकरुपता हो गई है।

सीएम ने यह भी कहा

-अंग्रेजी का विरोध नहीं, लेकिन मेडिकल यूनिवर्सिटी में हिन्दी में परीक्षा का विकल्प देने पर कुलपति को बधाई।

- एलोपैथी के अलावा आयुर्वेद, होम्योपैथ पर भी मेडिकल यूनिवर्सिटी में रिसर्च हो।

- प्रधानमंत्री आयुष्मान योजना दुनिया की सबसे बड़ी योजना भारत में शुरू हुई है। इसमें 10 करोड़ परिवार को 5 लाख रुपए तक गंभीर बीमारी का इलाज करा सकेंगे।

- मेधावी छात्र प्रोत्साहन योजना में 12वीं बोर्ड में 70 प्रतिशत और सीबीएसई में 80 प्रतिशत अंक लाकर प्रवेश लेने पर पूरी फीस सरकार भरेगी।

- चेस्ट, टीबी व न्यूरोलॉजी के लिए 44 करोड़ 8 लाख रुपए स्वीकृत किए हैं और 183 पद स्वीकृत किए हैं।

यूनिवर्सिटी का वृहत प्रोजेक्ट स्वीकृत हो

कुलपति डॉ. आरएस शर्मा ने कहा कि यूनिवर्सिटी का बड़ा प्रोजेक्ट स्वीकृत होना चाहिए। इसे पहले स्वीकृत किया गया था, लेकिन अभी यह छोटा कर दिया गया है। इसे उसी रूप में स्वीकृत होना चाहिए। इसमें 73 करोड़ का इंवेस्टमेंट होना है। अभी 22 करोड़ से प्रशासनिक भवन बनाया जा रहा है। इसे 24 माह में तैयार किया जाएगा।

समय कम है, लेकिन मैं बोलूंगा

कुलपति डॉ. आरएस शर्मा ने कहा कि भले ही आज समय कम है, लेकिन मैं बोलूंगा। इसके बाद कुलपति ने वृहत प्रोजेक्ट की बात की।

यह भी हुआ

- कार्यक्रम में अतिथियों का स्वागत तुलसी के पौधे देकर किया गया। कार्यक्रम के बाद 26 तुलसी के पौधे मंच पर ही पड़े रहे।

- कार्यक्रम के दौरान कलेक्टर छवि भारद्वाज, एसपी अमित सिंह मंच पर पीछे खड़े रहे, उन्हें बैठने के लिए कुर्सी नहीं थी।

ज्ञापन दिए

स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के संजय गुजराल, वीरेन्द्र तिवारी, अजय दुबे, भावना चौहान व अन्य ने ज्ञापन दिए।

कार्यक्रम में यह थे उपस्थित

कार्यक्रम में महापौर स्वाति गोडबोले, राकेश सिंह, शरद जैन, अंचल सोनकर, प्रतिभा सिंह, नंदनी मरावी, एसीएस आरएस जुलानिया, डॉ. विनोद मिश्रा, डॉ जितेंद्र जामदार, डॉ. राजेश धीरावाणी, डॉ. सुनील मिश्रा व कार्यक्रम में मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. नवनीत सक्सेना, अधीक्षक डॉ. राजेश तिवारी व कालेज के स्टाफ व छात्र उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन डॉ. तृप्ति गुप्ता ने किया।