सिहोरा, नईदुनिया न्यूज। तहसील कार्यालय से करीब सात किलोमीटर दूर निगवानी गड़चपा गांव के खेत में भड़की चिंगारी ने रविवार को जमकर तबाही मचाई। देखते ही देखते आग ने गेंहू की बालियों से लहलहाते खेतों को चपेट में ले लिया। अग्नि हादसे में करीब ढाई सौ एकड़ में पककर खड़ी गेहूं की फसल को स्वाहा कर दिया।

तीन दर्जन किसानों की लाखों रुपए की गेहूं की फसल का नुकसान हुआ है। ग्रामीणों ने तीन घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि जुनवानी कला गांव की तरफ से आग की लपटें आते देखीं गई। जब तक किसान कुछ समझ पाते आग ने अपना रौद्र रूप दिखाते हुए गड़चपा गांव के खेतों में लगी फसल को अपनी चपेट में ले लिया।

आग पर काबू पाने सैकड़ों की तादाद में किसान खेतों में पाइपलाइन बिछाकर तो कोई जुताई कर फसल को बचाने अथक प्रयास करने में लगे। तीन घंटे की मेहनत के बाद आग पर काबू पाया जा सका। हांलाकि घटना के कारणों की पुख्ता जानकारी नहीं लग सकी।

आग में सैकड़ों पाइप भी जलकर खाक

आग इतनी भयानक थी कि कुआं से पाइप लगाकर आग बुझाने के दौरान पाइप पिघल गए। कई जगहों पर खेतों से गुजरती बिजली केबल जल गई। किसानों को नरवाई की आग से हादसा होना बताया जा रहा है।

और भी जल सकती थी फसल

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार जिस तरह से खेत में आग लगी, यदि समय रहते आग नहीं बुझती तो और भी फसलें इसकी चपेट में आती। बसा गड़चपा और निगवानी गांव चारों तरफ से आग की चपेट में आ सकता था। ग्रामीणों की सतर्कता बड़ा हादसा टल गया।

प्रशासनिक अधिकरियों नहीं आने से आक्रोश

ढाई सौ एकड़ की फसल बर्बाद होने के बाद प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके जाना उचित नहीं समझा। जिससे गांव ग्रामीणों में आक्रोश भी देखा गया। सिहोरा, पनागर, मझौली से दमकल की गाड़िया आग बुझाने पहुंची।

पिछले वर्ष भी हुआ था हादसा

करीब एक वर्ष पहले 5 अप्रैल को जुनवानी हार में ऐसी ही एक घटना हुई थी जिसमें करीब सवा सौ एकड़ की फसल जलकर खाक हो गई थी।

घटना की जानकारी मिलने पर दमकल वाहनों को भिजवाकर आग को बुझाया गया है। सोमवार को अधिकारियों को भेजकर जांच कराई जाएगी। - गौरव बैनल, एसडीएम सिहोरा