जबलपुर, नईदुनिया प्रतिनिधि। मुख्यमंत्री युवा स्वाभिमान योजना के तहत बेरोजगार युवाओं को अनबोर्डिंग (पात्रता) के आधार पर विभिन्न ट्रेड में 10 दिन की ट्रेनिंग और फिर 90 दिन का रोजगार तो दिया गया। लेकिन अधिकांश युवाओं को 100 दिन काम करने के बाद भी एक रुपया तक नहीं मिला है। जबकि योजना के तहत युवाओं को हर महीने 4 हजार रुपए मानदेय दिए जाने का प्रावधान किया गया है। मानदेय न मिलने से नाराज नगर निगम स्वास्थ्य विभाग की ट्रेड में काम रहे 50 से ज्यादा युवाओं ने मंगलवार को नगर निगम में हंगामा कर दिया। युवाओं का कहना था कि रोजगार के नाम पर युवाओं से धोखा किया जा रहा है।

2 बार दिया आवेदन, टालते रहे अधिकारी

नगर निगम के स्वास्थ्य विभाग में कम्प्यूटर ऑपरेटर व अन्य ट्रेड में काम रहे युवक-युवतियों ने बताया कि अनबोर्डिंग के बाद उन्हें नगर निगम में 10 दिन की ट्रेनिंग और फिर 90 दिन का रोजगार दिया गया। हर रोज नगर निगम आकर उपस्थिति भी दर्ज कराते थे। लेकिन 4 महीने बीत जाने के बाद भी अभी तक मानदेय का एक रुपया नहीं मिला। अधिकारियों को 2 बार आवेदन भी कर चुके लेकिन हर बार अधिकारियों ने टाल दिया।

कम उपस्थिति का दे रहे हवाला

युवाओं ने नगर निगम कमिश्नर के नाम से दिए शिकायती पत्र में बताया कि मानदेय न देने पर योजना प्रभारी द्वारा कहा जा रहा है उनकी उपस्थिति कम है। जबकि नगर निगम में वह हर दिन की उपस्थिति दर्ज करवा रहे हैं।

अन्य के बैंक खाते में दे रहे मानदेय

- युवाओं ने बताया कि 50 से ज्यादा युवाओं को 4 महीने बाद भी नहीं मिला मानदेय

- कम उपस्थिति बताकर मानदेय देने से बच रहे अधिकारी

- जिन्हें मानदेय दिया वह अन्य के बैंक खाते में पहुंच गया

स्वाभिमान योजना के हाल

- 5220 युवाओं को अनबोर्ड किया गया।

-1039 युवाओं को दिया गया 100 दिन का रोजगार।

- 660 युवाओं को मानदेय देने का दावा।

- 50 से ज्यादा युवाओं को नहीं मिला एक रुपया।

- 20 से ज्यादा युवाओं ने दूसरे के बैंक खाते में मानदेय देने की शिकायत।

जिन युवाओं को मानदेय नहीं मिला उनकी अटेंडेंस शार्ट है या बीच में उन्होंने ट्रेड बदल दी। योजना का पोर्टल 12 मई से अपडेट नहीं हुआ है। जो पात्र होगा उसे मानदेय जरूर दिया जाएगा। दूसरे के बैंक खातों में मानदेय पहुंचने शिकायतों को भोपाल भेजा जा रहा है। -सोनालिका मतेले, प्रभारी युवा स्वाभिमान योजना