जबलपुर। बुधवार को अंतिम संस्कार करने के बाद जीसीएफ के मृत जेडब्ल्यूएम एससी खटुआ( GCF Manager Murder) के परिजन उड़ीसा चले गए। उनके घर पर ताला लगा है। रवाना होने से पूर्व मृतक की पत्नी मौसमी ने जीसीएफ के अधिकारियों व दिल्ली बेस्ड कंपनी की भूमिका पर सवाल उठाया। कहा कि पति की हत्या में इनका हाथ हो सकता है। उन्होंने सीबीआई अफसरों पर पति को प्रताड़ित करने के आरोप लगाए। इधर, जेडब्ल्यूएम की हत्या की पुष्टि होने के बाद से एसआईटी हत्यारों को बेनकाब करने में जुट गई है। एसपी अमित कुमार सिंह ने देर शाम एसआईटी की बैठक लेकर अब तक की जांच की समीक्षा कर निर्देश दिए।

जीएम को लिखा पत्र

एसआईटी ने जीसीएफ के जीएम को पत्र लिखकर कुछ सवालों के जवाब लिखित में मांगे हैं। एसआईटी ने बेयरिंग खरीदी व सीबीआई जांच से संबंधित जानकारियां, उन कर्मचारियों का मोबाइल नंबर सहित ब्योैरा जिन्हें संबंधित मामले में सीबीआई ने तलब किया या फैक्ट्री द्वारा उनकी जांच की जा रही

सीबीआई ने जीसीएफ से सीसीटीवी रिकॉर्ड लिया

सीबीआई दिल्ली ने गुरुवार की दोपहर 12 बजे जीसीएफ में अचानक दबिश दी। सीबीआई करीब ढाई घंटे निर्माणी में मौजूद रही और इस दौरान मेन गेट और आपातकालीन द्वार पर लगे सीसीटीवी कैमरों को नीचे उतरवाकर उनकी जांच की। सीबीआई ने निर्माणी के कंट्रोल रूम से करीब एक माह का सीसीटीवी रिकॉर्ड ले लिया। इसके बाद निर्माणी के एक अधिकारी से आधा घंटे तक लगातार पूछताछ की। सीबीआई ने निर्माणी के इस अधिकारी से जेडब्ल्यूएम खटुआ के आने-जाने के समय मिलने वाले अधिकारियों के बारे में जानकारी बटोरी है।

सूत्र बताते हैं कि सीबीआई दिल्ली की टीम बीते 2 दिनों से निर्माणी के अंदर और बाहर होती गतिविधियों पर नजर रखे हैं।

पड़ोसियों से की पूछताछ

टीम ने गुरुवार को न्यू कालोनी में रहने वालों से पूछताछ की। पता लगाने की कोशिश की गई कि लापता अवधि में क्या जेडब्ल्यूएम को किसी ने कहीं जीवित अवस्था में देखा था। हालांकि एसआईटी के अधिकारियों ने मृतक की पत्नी, बेटी समेत अन्य परिजनों से चर्चा की।

प्रसन्ना ने मृतक को क्यों किया था फोन

मृतक के परिजनों ने बताया कि जीसीएफ में जेडब्ल्यूएम प्रशांत प्रसन्ना ने 3 फरवरी को फोन किया था। उसने बताया कि सीबीआई के अधिकारियों ने कहा कि जेडब्ल्यूएम खटुआ को दिल्ली भेज देना। प्रसन्ना ने धमकी भरे लहजे में बात की थी। एसआईटी ने गुरुवार को प्रसन्ना के बयान दर्ज किए। बातचीत में क्या जानकारी सामने आई, इसका पता नहीं चल पाया है। पारिवारिक सूत्रों का आरोप है कि जब सीबीआई जेडब्ल्यूएम खटुआ की सीबीआई जांच कर रही थी फिर प्रशांत प्रसन्ना के जरिए उपस्थित होने का संदेश क्यों भेजा गया।

पर्सनल कैपिसिटी पर एपियर होने की दी थी अनुमति

पुलिस जांच में पता चला है कि जीसीएफ प्रबंधन ने जेडब्ल्यूएम को पर्सनल कैपिसिटी पर सीबीआई के समक्ष एपियर होने की अनुमति दी थी। जेडब्ल्यूएम दिल्ली रवाना होने की तैयारी कर रहे थे। सीबीआई को सौंपने अपने पास कुछ महत्वपूर्ण दस्तावेज रखे थे, जिनका पता लगाया जा रहा है।

तीन साल में नाम का खुलासा नहीं कर पाई सीबीआई

जेडब्ल्यूएम खटुआ की हत्या के बाद सीबीआई को लेकर परिजनों की नाराजगी बढ़ गई है। उनका कहना है कि तीन साल में सीबीआई उन लोगों के नामों का खुलासा नहीं कर पाई जो बेयरिंग खरीदी में हुई गड़बड़ी के लिए जिम्मेदार हैं। परिजनों ने कहा कि सीबीआई कार्रवाई भी कटघरे में है।

बेयरिंग खरीदी में हुई गड़बड़ी के लिए जिम्मेदार ही प्रथम दृष्ट्या वही जेडब्ल्यूएम की हत्या कर सकता है। फैक्ट्री प्रबंधन से जानकारी मिलने के बाद पता लगाया जाएगा।

-डॉ. संजीव उइके, एएसपी एसआईटी प्रभारी