जबलपुर, नईदुनिया प्रतिनिधि। साइंस सेंटर और तारामंडल बनाने की सौगात जबलपुर के हिस्से में आ चुकी है। केन्द्र से पहले ही प्रोजेक्ट को मंजूरी के साथ ही फंड जारी हो चुका है। अब राज्य सरकार ने भी इसे पसंद कर लिया है। अब सिर्फ इंतजार है तो इसके भूमिपूजन का। लेकिन लोकसभा चुनाव का समय होने से कहीं ऐसा न हो कि फ्लाईओवर की तरह इस पर भी राजनीति के बादल मंडराने लगें। मप्र साइंस एंड टेक्नोलॉजी विभाग ने भेड़ाघाट में साइंस सेंटर बनाने के लिए राज्य शासन से मंजूरी मांगी।

पिछले दिनों प्रमुख सचिव मप्र के पास इस प्रोजेक्ट का प्रजेन्टेशन हुआ, जहां इसे पसंद किया गया। विभागीय सूत्रों की मानें तो मुख्यमंत्री कमलनाथ की तरफ से भी प्रोजेक्ट पर सैद्धांतिक सहमति है। प्रस्ताव पर विभाग की मुहर लगने का इंतजार है। ऐसे में अब जबलपुर की जनता की उम्मीदें सांइस सेंटर को लेकर बढ़ गई हैं। विज्ञान से जुड़े लोगों के लिए ये बेहद रोचक स्थल साबित होगा।

बनने में 3 साल का लगेगा वक्त मप्र सरकार ने प्रोजेक्ट पर तेजी दिखाई तो अगले 3 साल में साइंस सेंटर और तारा मंडल बनकर तैयार हो सकता है। अभी मप्र के भीतर उज्जैन और भोपाल में टूरिस्ट इसे देखने पहुंचते हैं।

रिसर्च को बढ़ावा देने की पहले

साइंस सेंटर में एक इनोवेशन हब होगा। इसमें स्टूडेंट या कोई भी टूरिस्ट अपनी मर्जी के इनोवेशन कर सकता है। इसके लिए जरूरी संसाधन भी वहा मौजूद रहेंगे। एक डिस्कवरी हॉल होगा जहां कुछ अच्छे इनोवेशन को दूसरों की जानकारी के लिए प्रदर्शित किया जाएगा। हॉल ऑफ फेम में दुनिया के जाने-माने वैज्ञानिकों के चित्र लगेंगे, ताकि विज्ञान से जुड़े लोग महान वैज्ञानिकों को जान सकें। इनोवेशन हब में साइंस की विभिन्न् विधा मसलन फिजिक्स, कैमिस्ट्री, बायोलॉजी, रोबोटिक्स, कम्प्यूटर साइंस, कबाड़ से जुगाड़ और तोड़-फोड़ सेक्शन होगा। जहां स्टूडेंट्स विशेषज्ञों की मौजूदगी में प्रेक्टिकल करते हैं।

धुआंधार के करीब साइंस सेंटर

तारामंडल बनाने 2017 में घोषणा हुई। भेड़ाघाट का चयन हुआ। नगर परिषद भेड़ाघाट ने भटिया देवी भड़पुरा में करीब 7 एकड़ जमीन आवंटित की। तारामंडल के लिए 15.20 करोड़ की लागत से साइंस एंड टेक्नोलॉजी डिपार्टमेंट को निर्माण करना है। इसमें केन्द्र और राज्य से संयुक्त राशि खर्च होनी है।

कैबिनेट में भेड़ाघाट के बड़े प्लान

विधायक संजय यादव ने कहा कैबिनेट की बैठक में बरगी विधानसभा के ढेरों विकास के कार्य प्रस्तावित है। इसमें भेड़घाट को दूधिया रोशनी से आकर्षक बनाना ताकि टूरिस्ट आए। हाट बाजार जहां अलग-अलग लोक संस्कृति की झलक दिखाई दे। इसके अलावा साइंस सेंटर निर्माण को लेकर भी योजना है। पर्यटन के क्षेत्र में बढ़ावा देने का पूरा प्रयास है। इसी तरह बरगी डेम में होटल और आदिवासी संस्कृति के प्रदर्शित करने के लिए मंच बनाने की योजना है।

- केन्द्र से पहले ही मंजूरी मिल चुकी है। राज्य सरकार के पास प्रस्ताव गया था। मुख्य सचिव ने प्रोजेक्ट को पसंद कर लिया है। लगभग सारी प्रक्रिया हो चुकी है। शासन स्तर पर अगली कार्रवाई की जानी है। -प्रवीण ढींगरा, प्रोजेक्ट कोऑर्डिनेटर, मैप कास्ट भोपाल

- साइंस सेंटर के लिए फ्लाईओवर के साथ ही मुख्यमंत्री कमलनाथ से बात की गई थी। उनसे भूमिपूजन के लिए वक्त मांगा, लेकिन समय नहीं तय हुआ। इसमें राज्य का हिस्सा भी है इसलिए समय लग सकता है। -राकेश सिंह, सांसद