जबलपुर। मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने आय से अधिक संपत्ति रखने के आरोपी सीनियर आईएएस अरविन्द जोशी की जमानत अर्जी पर बुधवार को सुरक्षित किया गया फैसला गुरुवार को सुनाया। इसके तहत जोशी को 3 माह की सशर्त जमानत दे दी गई है। इस अवधि में वे ब्लड कैंसर का राज्य के बाहर किसी अस्पताल में इलाज कराने स्वतंत्र कर दिए गए हैं। इसके बाद उन्हें सरेंडर करना होगा। जमानत अर्जी पर अगली सुनवाई 20 जनवरी को निर्धारित की गई है।

वरिष्ठ न्यायमूर्ति शांतनु केमकर की एकलपीठ में मामले की सुनवाई हुई। इस दौरान आवेदक के वकील ने दलील दी कि ब्लड कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे आईएएस को जमानत अपेक्षित है। चूंकि वह पूर्व में सरेंडर कर चुका है, अत: फरार होने की आशंका बेमानी है।

लोकायुक्त की ओर से विरोध

लोकायुक्त की ओर से अधिवक्ता पंकज दुबे ने जमानत अर्जी का विरोध किया। उन्होंने दलील दी कि अरविन्द जोशी लोकायुक्त द्वारा केस दर्ज किए जाने के बाद लंबे समय तक चकमा देकर फरार रहे। इसके बाद सेशन कोर्ट में सरेंडर के आधार पर हाईकोर्ट से जमानत की कोशिश कर रहे हैं। चूंकि लोकायुक्त ने छापे के दौरान 3 करोड़ 50 लाख नकद राशि जब्त की थी और कुल संपत्ति आय के ज्ञात स्रोतों से कई गुना अधिक पाई गई, अत: जमानत अर्जी खारिज किए जाने योग्य है। ऐसा इसलिए भी क्योंकि जमानत मिलने की सूरत में प्रभावशाली होने के कारण आरोपी साक्ष्यों से छेड़छाड़ कर सकता है।